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बिहार कैडर के आईजी सुनील नायक से पूछताछ

हिरासत में प्रताड़ना मामले में आंध्र पुलिस की जांच जारी

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः आंध्र प्रदेश पुलिस के अपराध जांच विभाग ने बिहार कैडर के वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी एम. सुनील नायक से लंबी पूछताछ की। यह पूछताछ मई 2021 में नरसापुरम के पूर्व सांसद और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघु रामकृष्णम राजू के साथ हुई कथित हिरासत में प्रताड़ना के मामले में की गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

वर्तमान में बिहार में महानिरीक्षक, अग्निशमन और होमगार्ड सेवाओं के पद पर तैनात सुनील नायक गुंटूर के केंद्रीय अपराध पुलिस स्टेशन में पेश हुए। विजयनगरम के पुलिस अधीक्षक दामोदर, जो इस मामले के जांच अधिकारी हैं, के नेतृत्व में सीआईडी की एक टीम ने उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की। जांचकर्ताओं ने उन परिस्थितियों पर स्पष्टीकरण मांगा जिनमें राजू को कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित किया गया था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, नायक ने पूछताछ के दौरान केवल आंशिक या टालमटोल वाले जवाब ही दिए।

रघु रामकृष्णम राजू को मई 2021 में हैदराबाद स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था और फिर गुंटूर स्थित सीआईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ले जाया गया था। आरोप है कि उन्हें वहां रात भर रखा गया और इस दौरान उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार और उत्पीड़न किया गया। उस समय सुनील नायक आंध्र प्रदेश में तैनात थे और उनकी भूमिका अब जांच के घेरे में है।

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सुनील नायक से इस मामले में 5 मार्च से 9 मार्च 2026 के बीच पूछताछ की जाएगी। यह कानूनी प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति (डिप्टी स्पीकर) के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की जवाबदेही से जुड़ी है। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कानून की प्रक्रिया दशकों पुराने मामलों में भी वरिष्ठ अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने की शक्ति रखती है। आगामी कुछ दिनों की पूछताछ इस मामले में नए तथ्यों को उजागर कर सकती है।