देश में नये प्रस्ताव के समर्थन और विरोध के बीच छिड़ी जंग
गोल्ड कोस्टः ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोल्ड कोस्ट की ग्लिट्जी स्ट्रिप के पास एक खाली पड़ा भूखंड जल्द ही देश की सबसे ऊंची इमारत का ठिकाना बनने जा रहा है। इस 91 मंजिला विशाल इमारत की सबसे खास बात यह होगी कि इसके शीर्ष पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम अंकित होगा।
ऑस्ट्रेलिया के अल्टस प्रॉपर्टी ग्रुप ने ट्रम्प इंटरनेशनल होटल एंड टॉवर गोल्ड कोस्ट के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना में 285 कमरों वाला एक लक्जरी 6-स्टार होटल, एक हाई-एंड रिटेल प्लाजा, मिशेलिन-स्टार रेस्तरां और ट्रम्प के वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार किए गए आलीशान आवासीय अपार्टमेंट शामिल होंगे।
हालांकि, यह परियोजना अभी केवल कागजों पर है और इसे गोल्ड कोस्ट सिटी काउंसिल से औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन इसने शहर में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। परियोजना के विरोध में एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई है, जिस पर मंगलवार दोपहर तक 26,000 से अधिक लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं।
विरोध करने वालों का मुख्य तर्क यह है कि वे ट्रम्प ब्रांड के साथ जुड़ना नहीं चाहते। याचिका पर टिप्पणी करते हुए एक नागरिक ने लिखा कि ट्रम्प का ब्रांड सामाजिक विभाजन का प्रतीक है और उसे ऑस्ट्रेलिया से दूर रहना चाहिए। याचिकाकर्ता ने बताया कि अमेरिका में बढ़ते ध्रुवीकरण और अप्रवासी विरोधी हिंसा को देखकर उन्हें लगा कि ऑस्ट्रेलिया में इस ब्रांड का आना समाज के लिए घातक हो सकता है।
दूसरी ओर, इस विवाद के केंद्र में गोल्ड कोस्ट के लंबे समय से मेयर रहे टॉम टेट हैं, जो इस योजना के कट्टर समर्थक हैं। वर्तमान में आर्थिक और कूटनीतिक कार्यक्रम के लिए अमेरिका की यात्रा पर गए टेट ने हाल ही में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ रात्रिभोज किया।
टेट ने ऑस्ट्रेलियाई रेडियो पर ट्रम्प को एक बेहद मिलनसार व्यक्ति बताया और कहा कि यह टॉवर गोल्ड कोस्ट में गुणवत्ता और निवेश का नया मानक स्थापित करेगा। स्थानीय परिषद के लिए यह परियोजना निवेश का एक बड़ा जरिया है, क्योंकि कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन उद्योग को फिर से खड़ा करने के लिए बड़े फंड की आवश्यकता है।
दिलचस्प बात यह है कि जिस स्थान पर इस टॉवर का प्रस्ताव है, वह 2013 से खाली पड़ा है। वहां पहले से स्थित एक लोकप्रिय होटल को कंक्रीट कैंसर (सरिया में जंग लगने के कारण कंक्रीट का झड़ना) की वजह से ढहाना पड़ा था। अब देखना यह होगा कि क्या स्थानीय परिषद जनता के कड़े विरोध को दरकिनार कर इस गगनचुंबी इमारत को मंजूरी देती है या ट्रम्प का नाम एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक विवाद का केंद्र बना रहेगा।