Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi on Middle East Crisis: पीएम मोदी का बड़ा 'डिप्लोमैटिक' एक्शन, फ्रांस-ओमान समेत कई देशों के प... असम में 'सियासी' महाभारत! पिता प्रद्युत बोरदोलोई ने थमा BJP का दामन, तो बेटे ने ठुकराया कांग्रेस का ... RSS का 'डिजिटल' अवतार! सोशल मीडिया पर दबदबा बढ़ाने की तैयारी; संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को... Rajnath Singh on Drone Technology: स्वदेशी ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता जरूरी, बढ़ती चुनौतियों के ... Sadhguru vs Nakkeeran: दिल्ली हाई कोर्ट से ईशा फाउंडेशन को राहत, नकीरन पत्रिका को मानहानिकारक कंटेंट... Uttam Nagar Tarun Murder Case: राहुल गांधी ने की जनता से संयम बरतने की अपील, उत्तम नगर में हत्या के ... Chandauli Bridge Collapse: चंदौली में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, ढलाई के दौरान हुआ हादसा; एक मजद... Eve Teasing Video Viral: लड़की का पीछा करने वाले 2 मनचले गिरफ्तार, 20 मिनट तक सड़क पर मचाया तांडव; प... बंगाल चुनाव में BJP का 'मिशन 2026'! 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी; अब तक 255 नामों का ऐलान, दे... "हम कभी नहीं झुकेंगे!"—अफसरों के तबादले पर चुनाव आयोग से भिड़ीं ममता बनर्जी; बंगाल में 'दीदी' बनाम E...

ईडी द्वारा अनिल अंबानी के घर को कुर्क किया गया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ईडी की नई कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए, रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास अबोड को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई 17 मंजिला इमारत अबोड का मूल्य 3,716.83 करोड़ रुपये आंका गया है।

इस नवीनतम कार्रवाई के साथ, इस मामले में अनिल अंबानी समूह की कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब बढ़कर 15,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। ईडी ने पिछले साल नवंबर 2025 में इस संपत्ति के एक हिस्से (473.17 करोड़ रुपये) को पहले ही कुर्क किया था।

जांच एजेंसी का आरोप है कि आर कॉम और उसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से कुल 40,185 करोड़ रुपये का ऋण लिया था, जो बकाया है। ईडी  के अनुसार, अनिल अंबानी के परिवार ने अबोड सहित अपनी संपत्तियों को एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया था। एजेंसी का दावा है कि यह एक सोची-समझी कॉर्पोरेट पुनर्गठन प्रक्रिया थी, ताकि अनिल अंबानी को सीधे तौर पर इन संपत्तियों से दूर दिखाया जा सके और उन्हें बैंक ऋणों के प्रति उनकी व्यक्तिगत गारंटियों से बचाया जा सके।

एजेंसी का आरोप है कि इस संपत्ति का उपयोग अंबानी परिवार द्वारा अपने हितों के लिए किया जा रहा था, जबकि इसे उन सार्वजनिक बैंकों के कर्ज के भुगतान के लिए उपलब्ध होना चाहिए था, जिनका पैसा एनपीए में तब्दील हो चुका है। 66 वर्षीय अनिल अंबानी को इस मामले में दूसरी बार पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने पेश होना था। उन्होंने पिछली बार अगस्त 2025 में ईडी के समक्ष बयान दर्ज कराया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, ईडी और सीबीआई की एक विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और बैंक धोखाधड़ी की जांच कर रही है।