Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Amazon Layoffs 2026: अमेज़न में 16,000 लोगों की छंटनी, इंसानों की जगह AI लेगा कमान; ₹55 लाख करोड़ के... Hindu Nav Varsh 2026: शुरू हुआ 'विक्रम संवत 2083'! क्या है 'रौद्र संवत्सर' और क्यों डरा रहा है इसका ... Eid 2026: पार्लर जाने की झंझट खत्म! घर पर बने इस जादुई मास्क से मिनटों में हटाएं फेशियल हेयर; चांद स... India-Vietnam Summit 2026: दिल्ली में भारत और वियतनाम की अहम बैठक, जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए... Mathura Traffic Advisory: राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे पर मथुरा-वृंदावन के ये रास्ते रहेंगे सील, इस्कॉन... President Murmu Vrindavan Visit: राष्ट्रपति के दौरे पर मंदिरों में दर्शन का समय बदला, जानें बांके बि... Palam Fire Tragedy: पालम में आग का तांडव, 9 की मौत; रेस्क्यू के दौरान दीवार तोड़कर घुसे पड़ोसी, पुलि... Gautam Buddha Nagar Power Cut: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आंधी का कहर, 150 बिजली पोल धराशायी; 16 गांवों ... Surat Murder Case: सूरत में बिहार की महिला का मर्डर, शक में कातिल बना पति; प्रेम विवाह के बाद चाकू स... प्यार के लिए 'बगावत'! जेल से प्रेमी को छुड़ा लाई प्रेमिका; 9 महीने की बेटी बनी मां-बाप की शादी की गव...

चीन सैन्य संगठन में शुद्धिकरण का बुरा असर

आईआईएसएस की रिपोर्ट में चीन के बारे में खुलासा

हांगकांगः चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे बड़े पैमाने पर शुद्धिकरण अभियान ने उसकी कमान संरचना और युद्धक तैयारियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान संस्थान इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (आईआईएसएस) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा किया गया है।

कमान संरचना में गंभीर कमियां लंदन स्थित संगठन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट मिलिट्री बैलेंस में कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई इतनी व्यापक है कि इसने चीन के सर्वोच्च सैन्य निकाय, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से लेकर क्षेत्रीय थिएटर कमांड, हथियार खरीद और रक्षा अनुसंधान संस्थानों तक को अपनी चपेट में ले लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जब तक इन खाली पदों को भरा नहीं जाता, तब तक चीनी सेना अपनी कमान संरचना में गंभीर कमियों के साथ काम कर रही है। यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब चीन अपनी सेना के तेजी से आधुनिकीकरण का दावा कर रहा है।

सर्वोच्च कमान में मची खलबली यह रिपोर्ट चीन के दो सबसे वरिष्ठ जनरलों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक जांच के बाद आई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुराने सहयोगी जनरल झांग यूक्सिया को जनवरी में जांच के दायरे में लिया गया था, जबकि ही वेइदॉन्ग को पिछले साल अक्टूबर में बर्खास्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई का असर इतना गहरा है कि चीन की सात सदस्यीय सर्वोच्च सैन्य कमान अब सिमटकर केवल दो लोगों तक रह गई है—स्वयं राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( अध्यक्ष) और नव-पदोन्नत उपाध्यक्ष झांग शेंगगिन। दशकों में यह चीन का सबसे बड़ा सैन्य शुद्धिकरण माना जा रहा है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि सैन्य अधिकारियों की नियुक्तियां योग्यता के बजाय संपर्कों के आधार पर हुई हैं, और अनुबंध संबंधी समस्याओं के कारण दोषपूर्ण हथियार सेना में शामिल किए गए हैं, तो इसका निकट भविष्य में सेना की परिचालन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना निश्चित है। इसके अतिरिक्त, लगातार हो रही गिरफ्तारियों और जांच ने सैनिकों के मनोबल को भी प्रभावित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये प्रभाव अस्थायी हो सकते हैं और चीन का सैन्य आधुनिकीकरण जारी रहने की संभावना है।

क्षेत्रीय तनाव और शी जिनपिंग का रुख इन आंतरिक समस्याओं के बावजूद, चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का आक्रामक प्रदर्शन जारी रखे हुए है। रिपोर्ट में 2025 के दौरान ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य तैनाती का भी उल्लेख किया गया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में सेना को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को क्रांतिकारी निर्माण करार दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछला वर्ष सेना के लिए असामान्य रहा है, लेकिन उनका दावा है कि राजनीतिक शिक्षा और भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम ने सेना को और अधिक सशक्त बनाया है। फिलहाल, चीनी रक्षा मंत्रालय ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।