Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Uttam Nagar Murder Case: तरुण हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी; 500 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा, होली के... Rahul Gandhi on BJP: 'भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोर'; राहुल गांधी के घुसपैठिया वाले बयान पर मचा सिया... Bengal Post-Poll Violence: नतीजों के बाद बंगाल में कोहराम; 400 से ज्यादा TMC दफ्तरों में तोड़फोड़, ह... MP Madarsa Board: मदरसा बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू; यहाँ देखें आखिरी तारीख औ... Dhar Crime: धार में सनसनी; सुबह पुरुष और शाम को संदिग्ध हालत में मिला महिला का शव, प्रेम प्रसंग की आ... Dhar News: धार में भीषण गर्मी का सितम; गर्म जमीन पर बैठकर शादी की दावत खाने को मजबूर पूरा गांव, तस्व... मुख्यमंत्री मोहन यादव की बहन का आकस्मिक निधन; उज्जैन में शोक की लहर MP Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश में जल्द हटेगा तबादला बैन; CM मोहन यादव की घोषणा, इस महीने से श... Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की हाई-लेवल मीटिंग; इस दिग्गज नेता का नाम सबसे... Indore Metro News: 5800 करोड़ के प्रोजेक्ट का नया अवतार; अब किटी पार्टी, प्री-वेडिंग और फिल्म शूटिंग...

Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! ‘ऑपरेशन त्रासी’ के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे गए, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. करीब 326 दिनों तक चले लंबे अभियान के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर आतंकियों का सफाया किया है. सभी सात वांछित आतंकी मार गिराए गए हैं. इनमें 10 लाख रुपये का इनामी आतंकी सैफुल्ला भी शामिल हैं. ये सभी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े थे.

बताया जाता है कि सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन के तहत 326 दिनों तक कठिन पहाड़ी इलाके, कड़ाके की ठंड, बारिश और बर्फीले मौसम का सामना किया. इसके बाद भी जवान लगातार आतंकियों के पीछे लगे रहे. अधिकारियों के मुताबिक, यह सफलता मजबूत खुफिया जानकारी के कारण संभव हो पाई. सिविल और सैन्य खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एक पुख्ता इंटेलिजेंस ग्रिड तैयार किया था, जिसके आधार पर ऑपरेशन चलाया गया. सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने दुर्गम इलाके में आतंकियों को घेरकर कार्रवाई की.

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सफल हुआ ऑपरेशन

ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा बलों ने एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट तस्वीरें, आरपीए/यूएवी और बेहतर संचार सिस्टम की मदद से आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी. इससे जवानों को सटीक जानकारी मिलती रही और ऑपरेशन को आगे बढ़ाने में मदद मिली. इसी जानकारी का परिणाम है कि लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षा बलों ने घाटी में अशांति फैलाने वाले इन आतंकियों का सफाया करने में कामयाब रही.

ऑपरेशन त्रासी चलाकर आतंकियों को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में रविवार को ऑपरेशन त्रासी में जैश आतंकी सैफुल्लाह और उसके दो साथी ढेर मारे गए थे. आतंकियों के चेहरे बुरी तरह खराब हो चुके हैं. बताया जाता है कि तीनों आतंकी पिछले करीब 2 सालों से इलाके में सक्रिय थे. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जम्मू रीजन में अभी भी पाकिस्तान के 30 आतंकी सक्रिय हैं. सेना के जवान और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों को ट्रैक करने में जुटी हैं.

आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान

सेना के अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकियों में कुख्यात आतंकी सैफुल्ला और उसके साथी शामिल हैं. सुरक्षा बलों की लगातार कोशिश, धैर्य और सूझबूझ भरी कार्रवाई से आखिरकार पूरे आतंकी गिरोह को खत्म कर दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह कामयाबी जवानों के हौसले, बहादुरी और पेशेवर क्षमता को दिखाती है. उन्होंने साफ किया कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.