Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
फ्रांस के बाद अब अचानक जर्मनी की रेल सेवा बाधित Char Dham Yatra News: गंगोत्री और केदारनाथ अब होंगे एक-दूसरे के करीब; 100 किमी लंबी नई सड़क का ब्लूप्... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर एनकाउंटर मामले में नया मोड़; एसपी पहुंचे मृतक के घर, परिवार ने की CBI... Tragic Incident in Gumla: मानसिक बीमारी से परेशान मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग? जांच में... Delhi Crime News: छतरपुर में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण और हत्या; कैब ड्राइवर बाशु कुमार गिरफ्तार Jaipur Metro Phase-2: प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को करेंगे शिलान्यास; 13 हजार करोड़ की सौगात Yamuna Bazar Encroachment: दिल्ली के यमुना बाजार में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ी कार... Lohagad Fort Murder Case: केतन अग्रवाल की हत्या की खौफनाक साजिश; मंगेतर सिया गोयल ने प्रेमी के साथ म... Akash Deep Marriage: टीम इंडिया के गेंदबाज आकाश दीप बंधे शादी के बंधन में, वाराणसी में हुई आलीशान शा... Venezuela Earthquake News: वेनेजुएला में 126 साल का सबसे भीषण भूकंप; 7.5 तीव्रता के झटकों से कांपी ध...

शंकराचार्य के खिलाफ अब यौन शोषण का केस

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुंह खोलना भारी पड़ गया

  • प्रयागराज की अदालत में है मामला

  • विद्या मठ आश्रम से जुड़ा है केस

  • मौनी अमावस्या से जारी है विवाद

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक विशेष पॉक्सो अदालत ने झुंसी थाना प्रभारी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह आदेश आश्रम के लड़कों (बटुकों) के साथ कथित यौन शोषण के गंभीर आरोपों की जांच के लिए दिया गया है।

पिछले सप्ताह, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत दायर आवेदन पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने इस मामले में साक्ष्यों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया और विद्या मठ आश्रम में रहने वाले पीड़ित बटुकों के बयान दर्ज किए।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 74, 75, 76, 79, और 109 (जो यौन उत्पीड़न और संबंधित अपराधों से जुड़ी हैं) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 3/5/9 और 17 के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

अदालत के फैसले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, अब हमें न्याय मिलेगा। आज से ही हम यहाँ से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक सनातन यात्रा निकाल रहे हैं। हम दुनिया को दिखाएंगे कि विद्या मठ की पांचवीं मंजिल पर बच्चों का यौन शोषण किस प्रकार किया जाता है। वहां बाल शोषण के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। हमने सभी साक्ष्य अदालत को सौंप दिए हैं और अब पुलिस को भी उपलब्ध कराएंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल के दिनों में प्रयागराज में माघ मेला आयोजकों के साथ अपने टकराव को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन्हें मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शाही स्नान करने से रोका गया था। अब यौन शोषण जैसे गंभीर आरोपों ने इस विवाद को एक नया और संवेदनशील मोड़ दे दिया है।

इस मामले में पुलिस की आगामी जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर एक प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थान और वहां शिक्षा ग्रहण कर रहे नाबालिग बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है। वैसे योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार बयान देने को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि कई सरकार समर्थक धार्मिक संत भी खुलकर शंकराचार्य के खिलाफ बयान दे चुके हैं।