अमेरिका में ट्रंप की टैरिफ को लगे अदालती झटके पर बयान
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संसद में पहले ही दे चुके हैं बयान
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कहा था उनकी गरदन फंस चुकी है
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वह बराबरी पर बात नहीं कर सकते
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एक बार फिर सरेंडर करेंगे। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद आई है।
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भारत सहित कई देशों के खिलाफ ट्रंप के व्यापक टैरिफ प्रस्तावों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद ट्रंप को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। 6:3 के विभाजन वाले इस अदालती फैसले ने ट्रंप के वैश्विक आर्थिक एजेंडे को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने इसे बेहद निराशाजनक बताते हुए शक्तिशाली विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा: प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं। उनका विश्वासघात अब उजागर हो गया है। वे दोबारा बातचीत करने की स्थिति में नहीं हैं। वे फिर से आत्मसमर्पण करेंगे।
इससे पहले संसद के बजट सत्र के दौरान भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने झुकने का आरोप लगाया था। उन्होंने सदन में कहा था, हमारे किसानों को अमेरिका के विशाल मशीनीकृत फार्मों के रहमों-करम पर छोड़ दिया गया है। हमारा कपड़ा उद्योग तबाह हो गया है और हमारी ऊर्जा सुरक्षा दूसरे हाथों में सौंप दी गई है। हम अपनी मर्जी से तेल नहीं खरीद सकते। मुझे नहीं लगता कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री ऐसा करेगा। इसमें कोई तर्क नहीं है; यह पूर्ण आत्मसमर्पण है।
राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट जुजित्सु का उदाहरण देते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रिप और चोक (पकड़ और दम घुटने वाली स्थिति) में फंसे हुए हैं, जिसके कारण वे देश के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि ट्रंप डॉलर की रक्षा करना चाहते हैं, तो उन्हें भारतीयों से बराबरी के स्तर पर बात करनी चाहिए, न कि नौकरों की तरह।