अप्रैल में यहां भी एसआईआर का अगला चरण
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को राज्य चुनाव अधिकारियों को सूचित किया कि शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। इन 22 क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। आयोग ने इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें मौजूदा मतदाताओं का 2002-2004 के चुनावी डेटा के साथ मिलान (मैपिंग) और बूथ स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है।
बिहार, पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले SIR प्रक्रिया से गुजरने वाला पहला राज्य था। दूसरा चरण अक्टूबर 2025 में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गुजरात सहित 12 राज्यों में प्रक्रिया शुरू हुई, जो वर्तमान में जारी है। उत्तर प्रदेश को इस कार्य के लिए सर्वाधिक समय विस्तार दिया गया है। असम में एनआरसी से जुड़ी कानूनी बाधाओं के कारण यहाँ विशेष संशोधन किया गया।
निर्वाचन आयोग को तीसरे चरण के कार्यक्रम की घोषणा करते समय जनगणना कार्य का भी ध्यान रखना होगा, जो अप्रैल से ही शुरू होना है। 2027 की जनगणना का पहला चरण (हाउस लिस्टिंग) 1 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें लगभग 30 लाख प्रगणक शामिल होंगे। चुनौती यह है कि जनगणना और एसआईआर दोनों के लिए मुख्य रूप से सरकारी स्कूल के शिक्षकों (जो बीएलओ के रूप में कार्य करते हैं) का ही उपयोग किया जाता है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, संसाधनों के सही प्रबंधन के लिए भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त के साथ बैठकें की गई हैं ताकि दोनों कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जा सके।