Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Road Struggle in Bijapur: बस्तर का कोत्तापल्ली गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं को मोहताज; ग्रामीणों ने सर... Jashpur Police Action: ड्यूटी से गायब रहना पड़ा भारी; जशपुर में 3 आरक्षक बर्खास्त, 2 को कठोर दंड Forest Rights Act Chhattisgarh: वन अधिकार अधिनियम पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का राष्ट्रपति को... Dhamtari News: कुरुद के रामसागर तालाब में नहावन के दौरान डूबा युवक; 48 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव RIMS Ranchi News: रिम्स में 5 वर्षीय बच्ची की सफल ओपन हार्ट सर्जरी; डॉक्टरों की टीम ने दी नई जिंदगी Ranchi Accident News: धुर्वा में पानी का टैंकर पलटने से बड़ा हादसा; चालक की मौके पर मौत, एक गंभीर रू... Jamshedpur Crime News: मानगो उलीडीह में युवक की निर्मम हत्या; झाड़ियों में मिला शव, सिर पर धारदार हथ... Jharkhand Premier League Auction: JPL नीलामी में रॉबिन मिंज सबसे महंगे खिलाड़ी; कोयलांचल सुपर किंग्स... Lohardaga Accident: लोहरदगा में रफ्तार का कहर; तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो महिलाओं को रौंदा, मौके पर ह... Mann Ki Baat Ranchi: पीएम मोदी ने की रांची के एथलीटों की तारीफ; गुरिंदर और अनिमेष के जज्बे को सराहा

बुल्गारिया में 19 अप्रैल को होंगे मध्यावधि चुनाव

देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच ही राष्ट्रपति का एलान

सोफियाः दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश बुल्गारिया एक बार फिर चुनावी मोड में है। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति इलियाना जोतोवा ने आधिकारिक घोषणा की है कि बुल्गारिया में इसी साल 19 अप्रैल को मध्यावधि संसदीय चुनाव आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा तब हुई जब देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां पिछले साल दिसंबर में सरकार गिरने के बाद एक नई गठबंधन सरकार बनाने में विफल रहीं। बुल्गारिया के लिए यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले पांच वर्षों में यह आठवीं बार है जब देश के नागरिक अपनी संसद चुनने के लिए मतदान करेंगे।

बुल्गारिया में राजनीतिक अस्थिरता का यह दौर 2021 से लगातार जारी है। वर्तमान संकट तब शुरू हुआ जब दिसंबर 2025 में तत्कालीन प्रधानमंत्री रोसेन ज़ेल्याज़कोव की गठबंधन सरकार ने बड़े पैमाने पर हुए सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारी सरकार की आर्थिक नीतियों, बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार को रोकने में विफलता से नाराज थे। इस्तीफे के बाद, राष्ट्रपति ने क्रमिक रूप से तीन सबसे बड़े राजनीतिक समूहों को सरकार बनाने का अवसर दिया, लेकिन किसी भी दल के पास पर्याप्त बहुमत या सहयोगियों का समर्थन नहीं था, जिसके कारण चुनाव ही एकमात्र विकल्प बचा।

चुनावों के निष्पक्ष संचालन के लिए राष्ट्रपति ने बुल्गारियाई नेशनल बैंक के डिप्टी गवर्नर, आंद्रेई ग्युरोव को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। राष्ट्रपति जोतोवा ने स्पष्ट किया है कि इस अंतरिम सरकार का प्राथमिक कर्तव्य ईमानदार, पारदर्शी और अच्छी तरह से तैयार चुनाव कराना है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने चुनाव संहिता में उन संशोधनों पर वीटो लगा दिया है जो विदेशों में रहने वाले बुल्गारियाई नागरिकों के मतदान अधिकारों को सीमित कर सकते थे। उनका तर्क है कि हर नागरिक का वोट समान रूप से महत्वपूर्ण है और राज्य को इसे सुगम बनाना चाहिए।

लगातार होते चुनावों ने बुल्गारिया की जनता के बीच संस्थागत विश्वास को कम किया है। खंडित संसद और छोटे राजनीतिक दलों के उदय ने एक स्थायी सरकार बनाना लगभग असंभव बना दिया है। इसके अलावा, बुल्गारिया ने हाल ही में (1 जनवरी, 2026 को) यूरो क्षेत्र (Eurozone) में प्रवेश किया है, जिसके सफल क्रियान्वयन के लिए एक स्थिर विधायी समर्थन की आवश्यकता है। साथ ही, यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस के बढ़ते हाइब्रिड प्रभाव और घरेलू लोकलुभावन आंदोलनों ने भी देश की सुरक्षा और यूरोपीय संघ के भीतर इसकी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

19 अप्रैल को होने वाले चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह बुल्गारिया की लोकतांत्रिक परिपक्वता की परीक्षा भी है। क्या इस बार कोई दल स्पष्ट जनादेश प्राप्त कर पाएगा या देश फिर से एक त्रिशंकु संसद की ओर बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, पूरे यूरोप की नजरें सोफिया (बुल्गारिया की राजधानी) पर टिकी हैं।