Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेलीफिश बुढ़ापे के बाद बच्चा कैसे बन जाती है मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ...

अभिषेक बनर्जी ने व्हाट्सएप चैट साझा कर दिया

चुनाव आयोग पर पूर्व के आरोप के बाद अब सबूत पेश हुए

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए डिजिटल धोखाधड़ी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है और आधिकारिक नियमों के बजाय व्हाट्सएप के जरिए गुप्त निर्देश भेजकर मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रहा है।

अभिषेक बनर्जी ने अपने दावों के समर्थन में कुछ व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं। उनके आरोपों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। उनका आरोप है कि स्पेशल रोल ऑब्जर्वर सी. मुरुगन एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से माइक्रो ऑब्जर्वर्स को सीधे निर्देश दे रहे हैं। यह नियम विरुद्ध है, क्योंकि माइक्रो ऑब्जर्वर्स की भूमिका केवल सहायक की होती है, लेकिन उन पर दबाव बनाकर मतदाता सूची से नाम कटवाने की संख्या बढ़वाई जा रही है।

नियम के अनुसार, जिला स्तर के रोल ऑब्जर्वर्स के पास विशिष्ट लॉग-इन आईडी होती है। अभिषेक बनर्जी का दावा है कि इन आईडी का उपयोग संबंधित जिलों से नहीं, बल्कि कोलकाता के एक केंद्रीय स्थान से किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि स्वतंत्र जांच होती है, तो लॉग-इन किए गए उपकरणों के आईपी एड्रेस और टावर लोकेशन संबंधित ऑब्जर्वर्स की लोकेशन से मेल नहीं खाएंगे।

टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि दिल्ली के राजनीतिक आकाओं के इशारे पर एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाकर मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आयोग की वैधता जनता के विश्वास में है, न कि दिल्ली के राजनीतिक संरक्षण में। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी दिल्ली के जमींदारों के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के लिए तैयार है।

इस खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में तकनीक के दुरुपयोग और केंद्रीय हस्तक्षेप के इन दावों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अभी तक चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।