Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्योंगयांग यात्रा डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना को फिर से बड़ा झटका Hisar Hospital Negligence: मॉर्च्युरी में चूहों ने कुतरा महिला का शव; अस्पताल प्रशासन पर परिजनों का ... Jabalpur Transport News: जबलपुर में ट्रक भाड़ा 25% महंगा; बढ़ती लागत के कारण ट्रांसपोर्ट संघ का बड़ा फ... Khajrana Ganesh Temple: खजराना गणेश मंदिर का नि:शुल्क अन्नक्षेत्र; 40 वर्षों से हर दिन हजारों भक्तों... Jabalpur Crime News: भाजपा महिला नेता संगीता रजक की गोली लगने से मौत; घर के बाहर विवाद के दौरान हुआ ... MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज; भाजपा की तीसरी सीट प... Jabalpur News: बरगी बांध में डूबा 46 वर्षीय व्यक्ति; पत्नी और बेटों के सामने हुई मौत, परिवार में कोह... MP Investment: 'अवसरों की धरती है मध्य प्रदेश'; सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को दिया साझेदारी का खुला ... Shivpuri News: प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी में डी-फार्मा छात्र की संदिग्ध मौत; छत पर फंदे से लटका मिला...

एपस्टीन के साथ 62 ईमेल और 14 बैठकें क्योः कांग्रेस

सफाई देने के बाद और बुरी तरह घिर गये हरदीप पुरी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवाद पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। पार्टी ने उनसे 2014 से 2017 के बीच सजायाफ्ता अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ हुए 62 ईमेल संवादों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है। श्री पुरी ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने एपस्टीन से केवल कुछ अवसरों पर मुलाकात की थी और वे बैठकें पूरी तरह से पेशेवर प्रकृति की थीं।

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि अकेले 2014 में नौ बैठकें हुई थीं और 2014 से 2017 के बीच कुल 14 मुलाकातें हुईं। श्री खेड़ा ने सवाल किया, 2014 और 2017 के बीच हरदीप पुरी और एपस्टीन के बीच 62 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। इसके अलावा, 2014 में 5, 6, 8 और 9 जून; 19, 23 और 24 सितंबर; और 9 एवं 10 अक्टूबर को हुई बैठकों में क्या चर्चा हुई थी?

खेड़ा ने दावा किया कि श्री पुरी ने 32 ईमेल भेजे थे जबकि एपस्टीन ने 30 ईमेल लिखे थे। उन्होंने कहा कि ये मुलाकातें 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद शुरू हुईं और 2017 तक जारी रहीं। उन्होंने सवाल उठाया, प्रश्न यह है कि जून 2014 में हरदीप पुरी किस पद पर थे और उन्होंने किस हैसियत से एपस्टीन से मुलाकात की थी?

मंत्री के एक हालिया साक्षात्कार का हवाला देते हुए खेड़ा ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई झूठ बोले हैं। खेड़ा ने कहा, हरदीप पुरी एक निजी नागरिक की हैसियत से एपस्टीन के साथ सरकारी नीतियां क्यों साझा कर रहे थे? उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए और फिर इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

इसके साथ ही, पवन खेड़ा ने दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की भागीदारी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकारी सूत्रों के विरोधाभासी दावों का हवाला देते हुए कहा, सरकारी सूत्र कह रहे हैं कि बिल गेट्स समिट में नहीं आएंगे, जबकि बिल गेट्स खुद कह रहे हैं कि मैं आऊंगा और भाषण दूंगा। हालांकि बिल गेट्स पर एपस्टीन के किसी भी पीड़ित ने गलत व्यवहार का आरोप नहीं लगाया है, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी रिकॉर्ड में एपस्टीन का एक दावा शामिल है जिसमें कहा गया था कि माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक को एक यौन संचारित रोग हुआ था। गेट्स के प्रवक्ता ने इस दावे को पूरी तरह से बेतुका करार दिया है।