दिल्ली में इंडिया ए आई इम्पैक्ट समिट 2026 प्रारंभ
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पीएम मोदी ने संदेश से स्वागत किया
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तमाम टेक दिग्गज इसमें शामिल हो रहे
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एक सौ देशों के प्रतिनिधि में भाग ले रहे
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्लीः भारत की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में सोमवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का शानदार आगाज हुआ। इस पांच दिवसीय वैश्विक महाकुंभ के पहले ही दिन तकनीक जगत की दिग्गज हस्तियों, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और दुनिया भर के नवाचारियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खचाखच भरे हॉल और लंबी कतारें इस बात का प्रमाण थीं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य को लेकर भारत की पहल कितनी महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एआई के दुरुपयोग को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई द्वारा निर्मित मिसइंफॉर्मेशन या भ्रामक सूचनाओं में लोकतांत्रिक प्रणालियों को अस्थिर करने और उन्हें पटरी से उतारने की घातक क्षमता है। उन्होंने कहा कि जहाँ एआई छात्रों और शिक्षकों के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है, वहीं इसे जिज्ञासा और आलोचनात्मक सोच को कमजोर करने वाले शॉर्टकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारत इस सम्मेलन के माध्यम से एआई तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने और ग्लोबल एआई कॉमन्स पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से विश्व समुदाय का स्वागत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत वर्तमान में एआई परिवर्तन के अग्रणी पायदान पर खड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा, विश्व को एआई पर चर्चा के लिए एक मंच पर लाना गर्व की बात है। आज से भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो रही है। मैं दुनिया भर के नेताओं, उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और तकनीक प्रेमियों का हार्दिक स्वागत करता हूँ। प्रधानमंत्री के अनुसार, एआई के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम न केवल हमारी महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं, बल्कि वैश्विक जिम्मेदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करते हैं।
यह शिखर सम्मेलन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद यह चौथा एआई शिखर सम्मेलन है, और पहली बार किसी ग्लोबल साउथ (विकासशील देश) द्वारा इसकी मेजबानी की जा रही है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। गूगल के सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज नामों के साथ-साथ ब्राजील और फ्रांस सहित लगभग 20 देशों के शीर्ष नेता इसमें शामिल हो रहे हैं। पांच दिनों के भीतर यहाँ 3,250 से अधिक वक्ता 500 से ज्यादा सत्रों में अपने विचार साझा करेंगे।