अंडमान सागर में तीन देशों की नौसेना एक साथ जुटी
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अंडमान सागर में जापान और इंडोनेशिया की नौसेनाओं के साथ एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय अभ्यास किया। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त परिचालन तत्परता को बढ़ाना, इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी तालमेल) में सुधार करना और एक सुरक्षित स्थिर समुद्री क्षेत्र के लिए सहयोग को प्रगाढ़ करना था।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि तीनों देशों के जहाजों ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर काम किया। यह अभ्यास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंडमान सागर में आयोजित किया गया, जो वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।
त्रिपक्षीय अभ्यास के साथ-साथ भारतीय नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बढ़ती साख का एक और प्रमाण दिया है। गुरुवार को भारतीय नौसेना ने आधिकारिक तौर पर कंबाइंड टास्क फोर्स की कमान संभाल ली। यह बहरीन स्थित कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेस के तहत एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है।
मनामा, बहरीन में 11 फरवरी को आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी (शौर्य चक्र) ने इतालवी नौसेना के निवर्तमान कमांडर से कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती और अमेरिकी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मई 2023 में स्थापित इस बल में विशेष रूप से सदस्य देशों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। 47 राष्ट्रों वाले सीएमएफ समूह में भारत को कमान मिलना इस बात का प्रतीक है कि वैश्विक समुदाय भारत की पेशेवर विशेषज्ञता और परिचालन अनुभव पर भरोसा करता है। यह टास्क फोर्स अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे खतरों से निपटने के लिए नियमित अभ्यास आयोजित करती है।