Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Moradabad News: हैदराबाद से एलएलबी की छात्रा की निर्मम हत्या, पति ने ही रची थी खौफनाक साजिश Telangana News: मोबाइल की बैटरी दांतों से काटना 12 साल के बच्चे को पड़ा भारी, भीषण विस्फोट में मौत Begusarai News: बेगूसराय में झपटमारी का अनोखा मामला, भीड़ से बचने के लिए चोर ने निगला सोने का गहना Hyderabad Crime News: एयरपोर्ट जा रही केबिन क्रू के साथ कैब ड्राइवर ने किया रेप, आरोपी गिरफ्तार Dehradun News: WhatsApp पर प्रश्नपत्र शेयर करने वाला असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार, UTU ने 7 साल के लि... NEET Paper Leak Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सरकार का बड़ा कदम, पेपर लीक के मामलों के लिए बन... Connaught Place News: CJP के विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बाद NDTA का बड़ा आदेश, CP की सभी दुकानें शाम ... Jharkhand Weather Update: रांची समेत कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार, 28% कम वर्षा ने बढ़ाई चिंता Ranchi News: झारखंड के सरकारी स्कूलों में 7,299 सहायक आचार्य पदों पर बंपर भर्ती, 31 जुलाई से शुरू हो... Jharkhand Missing Case: मानसिक विक्षिप्तता के कारण दो दशक पहले घर से निकले थे अवधेश राम, पुलिस और एन...

ED Action: कोयला घोटाले के आरोपियों पर ईडी का शिकंजा, 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी अटैच

गैरकानूनी कोयला खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर दी है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की गई है. मामला ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीज एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़ा है.

जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट को अनूप मांझी उर्फ लाला के नेतृत्व में एक सिंडिकेट चला रहा था. आरोप है कि सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर अवैध खुदाई कर कोयला निकाला और फिर उसे पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों तक पहुंचाया. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस काम में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय मदद ली जा रही थी.

लाला पैड से चलता था पूरा खेल

ED की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सिंडिकेट ने एक फर्जी ट्रांसपोर्ट चालान शुरू किया था, जिसे ‘लाला पैड’ कहा जाता था. यह चालान गैर-मौजूद कंपनियों के नाम पर टैक्स इनवॉइस की तरह जारी किया जाता था. ट्रक ड्राइवरों को फर्जी चालान के साथ 10 या 20 रुपये का एक नोट भी दिया जाता था. ड्राइवर उस नोट को ट्रक या डंपर के नंबर प्लेट के साथ पकड़कर उसकी फोटो खींचता और सिंडिकेट ऑपरेटर को भेजता था. इसके बाद वही फोटो व्हाट्सएप के जरिए रास्ते में पड़ने वाले पुलिस और दूसरे अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी, ताकि गाड़ी को रोका न जाए या रोके जाने पर तुरंत छोड़ दिया जाए.

2,742 करोड़ की कमाई का अंदेशा

ED के मुताबिक, सिंडिकेट के रिकॉर्ड में करीब 2,742 करोड़ रुपये की अवैध कमाई दर्ज मिली है. जब्त रजिस्टर, डिजिटल डेटा, टैली रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजैक्शन और हवाला के जरिए पैसे को इधर-उधर किया गया.

हवाला का अनोखा तरीका

जांच में एक अंडरग्राउंड हवाला नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है. लेन-देन के लिए एक खास कोड इस्तेमाल किया जाता था, जो आमतौर पर 10 रुपये के नोट का सीरियल नंबर होता था.

पैसे लेने वाला पहले नोट का सीरियल नंबर भेजता था. फिर वही नंबर हवाला ऑपरेटर के जरिए दूसरे शहर में मौजूद व्यक्ति को दिया जाता था. जब कैश पहुंचाया जाता, तो रिसीवर वही खास नंबर वाला नोट दिखाकर अपनी पहचान साबित करता और बिना किसी बैंक रिकॉर्ड के कैश ले लेता. इस तरह करोड़ों रुपये बिना किसी आधिकारिक रिकॉर्ड के इधर-उधर किए गए.

स्टील कंपनियां भी जांच के दायरे में

ED की जांच में यह भी सामने आया है कि स्टील और आयरन सेक्टर की कुछ कंपनियों ने नकद में अवैध कोयला खरीदा. इससे उन्होंने अवैध कमाई को साफ दिखाने में मदद की. अटैच की गई संपत्तियों में जमीन-जायदाद, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं. ये संपत्तियां शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड के नाम पर हैं. इस मामले में अब तक कुल 322.71 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है.

पहले भी हुई थी छापेमारी

इससे पहले 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इन छापों में मिले सबूतों के आधार पर अब इन संपत्तियों को अटैच किया गया है.

ED का कहना है कि यह पूरा मामला कई परतों वाला और जटिल आर्थिक अपराध है. एजेंसी अब इस नेटवर्क के अंतिम लाभार्थियों और अन्य शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

ED ने साफ किया है कि अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध देश के प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाते हैं और जनता के हितों के खिलाफ हैं. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.