Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
होली के जिद्दी रंगों ने बिगाड़ दी बालों की रंगत? किचन में मौजूद इन चीजों से बाल बनेंगे पहले जैसे सॉफ... हिमाचल में सुक्खू सरकार का सरप्राइज: कांगड़ा के अनुराग शर्मा को मिला राज्यसभा का टिकट, तेलंगाना से स... Greater Noida News: राधा स्काई गार्डन सोसाइटी में होली पर चले लाठी-डंडे, गार्ड्स और रेजिडेंट्स में म... होली के दिन दादी पर छिड़क दिया पेंट, गुस्से में 4 साल के पोते पर उड़ेला खौलता हुआ पानी, बुरी तरह झुल... RS Election 2026: राज्यसभा की 37 सीटों के लिए सियासी संग्राम, क्या उच्च सदन में बढ़ेगी एनडीए की ताकत? Darbhanga News: दरभंगा के लोरिका गांव में रंग खेलने पर विवाद, जमकर पथराव और तोड़फोड़ Gurugram Road Accident: गुरुग्राम में रॉन्ग साइड से आ रही थार ने डिलीवरी बॉय को रौंदा, पुलिस पर वीडि... हृदयविदारक हादसा: गोरखपुर में MBBS छात्र को फॉर्च्यूनर ने उड़ाया, रेलिंग पर लाश देख दहल गए राहगीर Ranchi News: हनीमून पर गए रांची के नवविवाहित कपल ने मांगी सीएम हेमंत सोरेन से मदद, भारत वापसी की गुह... दिल्ली में दर्दनाक हादसा! रिठाला में 50 झुग्गियां बनी राख का ढेर, एक लड़की की जिंदा जलने से मौत; इला...

दिल्ली पुलिस ने प्रकाशक को नोटिस भेजा

जनरल नरवणे की किताब के मामले की जांच जारी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त) के संस्मरण फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के कथित अवैध प्रसार के मामले में प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब इस अप्रकाशित किताब की प्रतियां सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लीक हो गईं, जिससे सुरक्षा और विधिक नियमों के उल्लंघन की चिंताएं पैदा हो गई हैं।

पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि जो पांडुलिपि अभी तक रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही थी, वह सार्वजनिक रूप से कैसे उपलब्ध हो गई। दिल्ली पुलिस ने प्रकाशक से किताब के सुरक्षा प्रोटोकॉल और वितरण श्रृंखला को लेकर कई सवाल पूछे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि किताब की पीडीएफ प्रतियां न केवल भारत में, बल्कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों में भी ऑनलाइन उपलब्ध हो गई थीं।

यह मुद्दा उस समय राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस किताब के अंशों का हवाला दिया। उन्होंने सरकार पर चीन सीमा विवाद (2020 गतिरोध) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। जब सत्ता पक्ष ने किताब के अप्रकाशित होने का दावा किया, तो राहुल गांधी ने संसद के बाहर किताब की एक हार्डकॉपी दिखाते हुए कहा कि उन्होंने इसे एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदा है।

विवाद का एक बड़ा हिस्सा जनरल नरवणे के 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने पाठकों को किताब खरीदने के लिए लिंक साझा करते हुए कहा था कि किताब अब उपलब्ध है। हालांकि, अब पेंगुइन इंडिया ने स्पष्ट किया है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और ऑनलाइन दिखने वाली प्रतियां कॉपीराइट का उल्लंघन हैं।

जनरल नरवणे ने भी हाल ही में प्रकाशक के इस बयान का समर्थन किया है। लेकिन सोशल मीडिया में वह फोटो भी नजर आया है, जिसमें खुद जनरल नरवणे इस पुस्तक को खरीदने का आग्रह करते नजर आ रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में सैन्य अधिकारियों द्वारा लिखी गई 35 किताबों में से केवल नरवणे की यह किताब ही अभी तक मंजूरी के लिए लंबित है। इस घटनाक्रम ने सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के लेखन और उनकी सुरक्षा समीक्षा की प्रक्रिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।