Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पिछले सत्तर वर्षों की मेहनत के बाद विश्व धरोहर निकला, देखें वीडियो अयोध्या ही भाजपा की लंका बन जाएगीः अखिलेश यादव गिरफ्तारी और इस्तीफा के बाद भी ट्रस्ट की पूरी चुप्पी पीछे हटने को कतई तैयार नहीं है जेन जेड वाले तेलचट्टे नागरिकता नहीं तो पासपोर्ट आखिर क्या हैः थरूर यह कहां आ गये हैं यूंही साथ चलते चलते.. .. .. Gulmarg Accident: बारामूला में शेल फटने से बड़ा हादसा; मृतक की पहचान हुई, प्रशासन ने झूठी खबरों के खि... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी र... Delhi BJP Organization: दिल्ली भाजपा ने 11 संगठनात्मक जिलों की नई टीम घोषित की; 33% महिलाओं को मिला ... Delhi Police Controversy: आदर्श नगर में पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिलाओं को थप्पड़ मारने का आरोप; CCTV...

गर्म आलू थमाने की चर्चा पर चुप्पी साध गये

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने पेंग्विन के दावों की पुष्टि की

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने मंगलवार को अपने प्रकाशक के उस दावे की पुष्टि की है कि उनकी संस्मरण पुस्तक फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। यह स्पष्टीकरण उनकी पुस्तक को लेकर संसद में बढ़ते विवाद और दिल्ली पुलिस द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बीच आया है।

पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया कि उसके पास इस पुस्तक के विशेष प्रकाशन अधिकार हैं और यह अभी तक बाजार में नहीं आई है। प्रकाशक ने अपने बयान में कहा, पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा इस पुस्तक की कोई भी प्रति, चाहे वह मुद्रित रूप में हो या डिजिटल, अभी तक प्रकाशित, वितरित या जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।

जनरल नरवणे ने सोशल मीडिया पर प्रकाशक के इस बयान को साझा करते हुए लिखा, पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने अप्रकाशित पांडुलिपि के डिजिटल और अन्य प्रारूपों में अवैध प्रसार के आरोप में मामला दर्ज किया। जनरल नरवणे का यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रकाशक के दावों पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के दिसंबर 2023 के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था, जिसमें जनरल ने लिखा था कि पुस्तक अब उपलब्ध है।

राहुल गांधी द्वारा उद्धृत इस पुस्तक के अंशों में 2020 की गलवान झड़प, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ सैन्य गतिरोध और सरकार की अग्निवीर योजना का विवरण शामिल है। ये अंश सरकारी नीतियों पर मतभेद की ओर संकेत करते हैं। विशेष रूप से, विपक्ष ने अगस्त 2020 में पीएलए के साथ हुए गतिरोध के विवरण को लेकर सरकार को घेरा है।

पुस्तक के कथित अंशों के अनुसार, उस दौरान जनरल नरवणे सरकार के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला था। इस विषय पर जनरल नरवणे ने कोई सफाई नहीं दी है। जिससे स्पष्ट है कि वह अपने इस दावे पर अब भी कायम हैं। विवाद बढ़ता देख प्रकाशक ने स्पष्ट किया कि किसी पुस्तक की घोषणा करना या उसे प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध कराना उसके वास्तविक प्रकाशन का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।