Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
IMD Monsoon Update 2026: कम बारिश और प्रचंड गर्मी करेगी परेशान, मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जारी कि... Trump Warns Iran: 'होर्मुज में जहाज आए तो उड़ा देंगे', ट्रंप की ईरान को दो टूक- अब होगी तेज और बेरहम... Asha Bhosle Funeral : अंतिम विदाई में उमड़ा सैलाब, मनपसंदीदा फूलों से सजे रथ पर निकलीं Asha ताई की य... यूरेनस तक की यात्रा का समय आधा होगा झारखंड की राजनीति में दरार: जेएमएम और कांग्रेस के रिश्तों में कड़वाहट सुप्रीम कोर्ट से एमएसपी की याचिका पर नोटिस जारी चुनाव आयोग का खेल और तरीका अब उजागर हो चुका हम इस विवाद में अंधे नहीं हो सकते: सुप्रीम कोर्ट टाइपिंग की गलतियों के बहाने वोटर काटे गयेः योगेंद्र यादव जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में असम सरकार

सिद्दीपेट में अब बाघ के आतंक से जनता नाराज

एक ही दिन में सात मवेशियों के मारे जाने की घटना

  • दो किसानों के बाड़े पर किया हमला

  • ड्रोन से तलाश का अभियान चलाया

  • भटकता बाघ शायद लौट रहा है

राष्ट्रीय खबर

हैदराबाद: महाराष्ट्र की ओर वापस लौट रहे एक भटकते हुए बाघ ने सिद्दीपेट जिले के दो अलग-अलग मंडलों के गांवों में मवेशियों पर हमला कर दिया। रविवार को हुई इस घटना से लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बाघ ने तड़के नंगूनूर मंडल के घनपुर गांव और कोहेड़ा मंडल के आरेपल्ली गांव में हलचल की, जहाँ उसने दो अलग-अलग किसानों के क्रमशः दो और पांच मवेशियों को मार डाला। मवेशियों के मारे जाने की घटना का पता सोमवार सुबह तब चला जब किसान अपने खेतों पर गए। सूचना मिलते ही वन अधिकारी, एनिमल ट्रैकर और बचाव दल गांवों में पहुंचे और बाघ की तलाश शुरू की।

माना जा रहा है कि बाघ सिंगारया परियोजना के पास जंगल के एक छोटे हिस्से में पहाड़ियों की ओर चला गया है। बचाव दलों ने पहाड़ियों में बाघ का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन घनी वनस्पतियों के कारण उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल सकी। घटना के बाद सिंगारया परियोजना के आसपास के गांवों के निवासियों को अलर्ट कर दिया गया है। आरेपल्ली गांव में मवेशियों के मारे जाने से डरे हुए ग्रामीणों ने अपने जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

वन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाघ याददाद्री भुवनगिरी, जनगाँव और सिद्दीपेट जिलों में साथी की तलाश या अपना इलाका स्थापित करने में असफल रहने के बाद अब अपने जन्मस्थान की ओर लौट रहा है। पिछले 20 दिनों में यह बाघ इन तीन जिलों में 12 स्थानों पर मवेशियों को शिकार बना चुका है।

पिछली घटनाओं के विपरीत, इस बार बाघ काफी सावधानी बरत रहा है। आमतौर पर बाघ शिकार करने के बाद शव को छोड़ देता है और बाद में उसे खाने के लिए वापस आता है, लेकिन पिछले एक हफ्ते में वह किसी भी शिकार के पास दोबारा नहीं लौटा है। ऐसा प्रतीत होता है कि इंसानी हलचल को भांपते हुए वह तुरंत स्थान बदल रहा है। बाघ की गतिविधियों को देखते हुए बिजली विभाग ने रात के समय कृषि क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है ताकि बाघ को करंट लगने से बचाया जा सके। किसानों को सलाह दी गई है कि वे रात में खेतों पर न जाएं और सुबह भी पूरी सावधानी के साथ ही काम पर निकलें।दूसरी तरफ बार बार बाघ के हमले से मवेशियों की मौत होने से स्थानीय किसान अब बहुत नाराज हैं।