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Kanpur Lamborghini Accident: वीडियो में दिखा आरोपी शिवम, फिर FIR से नाम क्यों गायब? कानपुर पुलिस पर उठे सवाल

कानपुर के VIP रोड पर खूनी तांडव मचाने वाली लैंबोर्गिनी और उसके ड्राइवर शिवम मिश्रा को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. करोड़ों की टैक्स चोरी और लग्जरी कारों के शौक के लिए मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा पर आरोप है कि उसने अपनी रफ़्तार से 6 लोगों को रौंद दिया, लेकिन ग्वालटोली पुलिस की FIR ने न्याय की उम्मीद पर पानी फेर दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर अब इस घटना के दो नए वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि हादसे के तुरंत बाद एक फॉर्च्यूनर सवार कुछ बाउंसर मौके पर पहुंचते हैं. वो लैंबोर्गिनी का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को बाहर निकालते हैं और सुरक्षित अपने साथ ले जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि पीड़ित तौफीक ने सीधे तौर पर शिवम मिश्रा के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने जो मुकदमा दर्ज किया है, उसमें आरोपी को अज्ञात दिखाया गया है. सवाल यह है कि आखिर पुलिस ने अज्ञात पर क्यों FIR क्यों दर्ज की. शिवम पर FIR क्यों नहीं दर्ज की गई? पुलिस किसे बचाना चाह रही है?

थाने में खड़ी कार को ढकने की कोशिश

पुलिस की संदिग्ध भूमिका का आलम यह था कि थाने में खड़ी की गई करोड़ों की लैंबोर्गिनी को पहले तिरपाल (कवर) से पूरी तरह ढक दिया गया था. माना जा रहा है कि यह रईसजादे की पहचान छिपाने की एक कोशिश थी. हालांकि, जब मीडिया ने इस पर सवाल उठाए और खबर चली, तब जाकर कार से कवर हटाया गया.

बाउंसर्स की गुंडागर्दी और पुलिस की चुप्पी

पीड़ितों का आरोप है कि जब वे न्याय मांगने ग्वालटोली थाने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कारोबारी के बाउंसर्स ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की. पुलिस के सामने ही बाउंसर्स पीड़ितों को धमकाते रहे, लेकिन कानपुर कमिश्नरेट पुलिस मौन बनी रही. क्या रईसजादों के बाउंसर्स के लिए थाने के नियम अलग हैं?

2024 में पड़ी थी आईटी की रेड

यह वही परिवार है जिसके घर 2024 में इनकम टैक्स की रेड के दौरान 100 करोड़ से ज्यादा का कार कलेक्शन मिला था. दिल्ली की कोठी में 16 करोड़ की रॉल्स रॉयस मिली थी. आज वही दौलत कानपुर की सड़कों पर मासूमों के खून से सनी नजर आ रही है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो रसूख के दम पर इस मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा.