गैलेक्टिक पाथफाइंडर और आईएसएस का ऐतिहासिक मिलन
न्यूयार्कः आज सुबह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के करीब 400 किलोमीटर ऊपर की कक्षा में एक अभूतपूर्व दृश्य देखा गया। निजी अंतरिक्ष यान गैलेक्टिक पाथफाइंडर ने सफलतापूर्वक स्टेशन के हार्मनी मॉड्यूल के साथ डॉकिंग प्रक्रिया पूरी की। यह मिशन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसने निजी क्रू की क्षमताओं को वैश्विक पटल पर प्रमाणित किया है।
इस मिशन की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धि इसकी पूर्णतः स्वचालित डॉकिंग प्रक्रिया रही। पिछले आठ घंटों के जटिल युद्धाभ्यास के दौरान, यान ने बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अपनी गति और दिशा को स्टेशन के साथ सिंक्रोनाइज़ किया। विशेष बात यह है कि इस कैप्सूल में मौजूद चारों यात्री नागरिक हैं।
हालांकि उन्होंने कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है, लेकिन यान का स्वयं से स्टेशन से जुड़ना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेविगेशन एल्गोरिदम की परिपक्वता को दर्शाता है। ये चार पर्यटक, जिन्होंने इस यात्रा के लिए भारी-भरकम राशि चुकाई है, अगले 10 दिन अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताएंगे। उनका कार्यक्रम केवल पृथ्वी की तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं है: पर्यटक वहां सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में मानव स्टेम कोशिकाओं पर शोध और अंतरिक्ष में पौधों के विकास से जुड़े कुछ प्रयोग करेंगे।
स्टेशन पर पहले से मौजूद सात पेशेवर अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ये पर्यटक अपने अनुभव साझा करेंगे, जो भविष्य के स्पेस होटल्स के संचालन के लिए डेटा एकत्र करने में मदद करेगा। इस मिशन ने दुनिया को दो गुटों में बांट दिया है। आलोचकों का तर्क है कि अंतरिक्ष पर्यटन अति-अमीरों का एक खर्चीला शौक है जो ऊपरी वायुमंडल में कार्बन उत्सर्जन को बढ़ाता है।
वहीं, समर्थकों और अंतरिक्ष एजेंसियों का मानना है कि निजी मिशनों से मिलने वाला पैसा नासा और ईएसए जैसी संस्थाओं को अपने आर्टेमिस (चंद्रमा) और मंगल मिशनों के लिए वित्तीय मजबूती प्रदान करता है। निजी कंपनियों को निचली पृथ्वी कक्षा की जिम्मेदारी सौंपकर सरकारी एजेंसियां अब डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रही हैं। गैलेक्टिक पाथफाइंडर की सफलता के बाद अब अंतरिक्ष में निजी मॉड्यूल्स जोड़ने की योजनाएं तेज हो गई हैं। वह दिन दूर नहीं जब अंतरिक्ष स्टेशन केवल एक शोध केंद्र न रहकर एक बहुउद्देशीय व्यावसायिक हब बन जाएगा।