Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता... UN Report on India GDP: संयुक्त राष्ट्र ने भी माना भारत का लोहा, 2026 में दुनिया में सबसे तेज होगी भ... Jio Hotstar Plan: जियो का धमाका! ₹149 में 90 दिनों के लिए Disney+ Hotstar और डेटा, क्रिकेट लवर्स के ... Adi Shankaracharya Jayanti 2026: आदि गुरु शंकराचार्य के वो 5 आध्यात्मिक संदेश, जो आज भी दिखाते हैं ज... Summer Health Tips: किचन के ये 5 ठंडी तासीर वाले मसाले शरीर को रखेंगे कूल, जानें इस्तेमाल का सही तरी... Fake Medicine Racket: मरीज बनकर पहुंचे SDM, क्लीनिक पर मिलीं शुगर की फर्जी दवाइयां; जांच में जानवरों... Water Pollution: भारत में 'जहरीला पानी' भेज रहा पाकिस्तान, पंजाब के सीमावर्ती गांवों में फैला कैंसर ... Satna Blue Drum Murder: सतना में 'नीला ड्रम कांड', एकतरफा प्यार में मासूम की हत्या कर ड्रम में छिपाई... Kashi Digital Locker: काशी के घाटों पर सामान चोरी का डर खत्म, सरकार लगाएगी डिजिटल लॉकर; निश्चिंत होक...

अनोखा चक्काजाम: जब बीच हाईवे पर पलंग लगाकर सो गए प्रदर्शनकारी, मनाने के लिए बुलानी पड़ी कलेक्टर

उज्जैन: देवास-उज्जैन हाईवे पर गुरुवार सुबह एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक दंपति ने अस्पताल प्रशासन के दुर्व्यवहार से आहत होकर अपने घर का सामान सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर बवाल काटा. जाम के कारण करीब 1 घंटे तक हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए थे. सूचना मिलते ही नागझिरि और नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दंपति को समझाने की खूब कोशिश की.

दंपति ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

हाईवे पर पलंग लगाकर चक्काजाम करने की सूचना उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह को मिली. कलेक्टर रोशन सिंह ने फोन पर दंपति से चर्चा की और ये कदम उठाने के पीछे की वजह पूछी. दंपति ने इस दौरान अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद कलेक्टर ने उन्हें समझाया और समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया. जिसके बाद सड़क से सामान हटाया गया और चक्का जाम खत्म हो गया.

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला देवास स्थित अमलतास अस्पताल का है. देवास जिले का खातेगांव निवासी रामदयाल प्रजापत अस्पताल परिसर में 2 साल से झोपड़ी बनाकर रह रहा था. रामदयाल ने बताया कि उसका किडनी खराब है और इसी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. खातेगांव से लगातार आने-जाने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए अस्पताल परिसर में झोपड़ी बनाकर रह रहा था और आसपास में मजदूरी करते थे.

सामान हाईवे पर रखकर लगा दिया जाम

अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए रामदयाल ने बताया, “मेरा सारा सामान उठा कर बाहर फेंक दिया गया और झोपड़ी तोड़ दी. पत्नी और मेरे साथ मारपीट की गई. इसी से आहत होकर हमने चक्काजाम किया. मैंने पुलिस से भी इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.” वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मारपीट के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा, “कई बार अवैध झोपड़ी हटाने और सामान हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए कहा गया, लेकिन वो नहीं माना. बुधवार को मजबूरन सख्ती बरतना पड़ी. मारपीट और सामान फेंकने जैसा कुछ नहीं किया है.”अस्पताल परिसर से निकाले जाने के बाद रामदयाल ने परिवार संग सिंगावदा गांव स्थित देवास-हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. जाम की सूचना मिलते ही नागझिरि और नरवर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब दंपति ने बात नहीं मानी तो जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से बात कराई