Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ब्रह्मांड में सोना बनने का रहस्य खुला चित्तौड़गढ़ में 'कातिल' मधुमक्खियों का तांडव! श्मशान में शव यात्रा पर किया हमला, दो की मौत; 50 लोगों... दिल्ली में गैस माफिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! 223 LPG सिलेंडर बरामद, पुलिस ने कालाबाजारी के बड़े खेल ... चीन और ईरान की 'खतरनाक' जुगलबंदी! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—ड्रैगन दे रहा है तेहरान को घातक हथ... ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का 'प्लान-B' तैयार! गैस सप्लाई न रुके इसलिए खर्च होंगे ₹600 करोड़; क्य... Saharanpur Encounter: सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी शहजाद, 44 वारदातों को दे ... Delhi Weather Update: दिल्ली में आंधी के बाद झमाझम बारिश, 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; जानें अगले 3 ... अब होर्मुज में बंकर बस्टर बम गिराये पुडुचेरी राजनीति में अचानक बड़े भूचाल का संकेत तीसरा जहाज जग लाड़की भी मुद्रा बंदरगाह पहुंच गया

कौन था सुपारी किलर बनारसी यादव? गाजीपुर से सोनभद्र तक दहशत, काशी में यूपी एसटीएफ ने किया एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कुख्यात शूटर बनारसी यादव एनकाउंटर में ढेर हो गया है. पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में ये एनकाउंटर हुआ है. पुलिस के मुताबिक, उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही थीं. आखिरकार मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ को उसकी लोकेशन की पुख्ता सूचना मिली थी. पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बनारसी यादव को सरेंडर का मौका दिया, लेकिन उसने हथियार डालने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं. घायल हालत में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए.

बनारसी यादव का नाम 21 अगस्त 2025 को हुए सनसनीखेज हत्याकांड में प्रमुख रूप से सामने आया था. उस सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं.

महेंद्र गौतम हत्याकांड का मास्टरमाइंड था

महेंद्र गौतम जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े एक सफल व्यवसायी थे और बताया जाता है कि उनकी कुछ महंगी जमीनों को लेकर विवाद चल रहा था. सूत्रों के अनुसार, करीब 40 बिस्वा जमीन, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी जा रही थी, उसी विवाद की जड़ थी. जांच में सामने आया कि इस हत्या के लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे, लेकिन मुख्य भूमिका बनारसी यादव की ही थी.

घटना के समय उसके साथ अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल मौजूद थे. विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने गोलियां चलाईं. हमले में महेंद्र गौतम की मौके पर ही मौत हो गई थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. इसके बाद से बनारसी यादव फरार चल रहा था और कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश में लगी थी.

21 मुकदमे दर्ज थे

बनारसी यादव पर सोनभद्र, गाजीपुर और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 21 मुकदमे दर्ज थे. अपराध जगत में उसकी पहचान एक पेशेवर सुपारी किलर के रूप में बन चुकी थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और शेष आरोपियों व नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं.