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Board Exam 2026: बोर्ड परीक्षा में ‘जीरो फेलियर’ का लक्ष्य, सचिव का सख्त आदेश- लापरवाही पर नपेंगे जिम्मेदार

रांचीः झारखंड में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. राज्य के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर ‘जीरो फेलियर’ का लक्ष्य तय किया गया है. वहीं पीएमश्री विद्यालयों को 28 फरवरी तक न्यूनतम 75 प्रतिशत स्कोर हासिल करने का निर्देश दिया गया है. यह निर्देश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए.

रांची स्थित झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद में आयोजित इस बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, पीएमश्री विद्यालयों में संचालित गतिविधियों और बजटीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में राज्य परियोजना निदेशक, राज्य पीएमयू सेल के अधिकारी, सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, तकनीकी पदाधिकारी, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रबंधक शामिल हुए.

इस समीक्षा बैठक में सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में एक भी छात्र अनुत्तीर्ण न हो, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है. उन्होंने निर्देश दिया कि छात्रों की तैयारी ऐसी हो कि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों. इसके लिए सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नियमित और प्रभावी रेमिडियल कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया गया.

शिक्षा सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा की तैयारी सीबीएसई के तय मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए. उन्होंने ‘इनोवेटिव एप्रोच’ अपनाने की बात कहते हुए कहा कि बेहतर परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा. वहीं, किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई. इस बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए सचिव ने निर्देश दिया कि 17 फरवरी तक सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के किसी भी शिक्षक को गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाएगा, ताकि वे पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें.

पीएमश्री विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सचिव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों में निर्धारित 21 संकेतकों के अनुसार अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जाए. उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर राज्यस्तरीय टीम पीएमश्री विद्यालयों का दौरा करेगी, जबकि फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च में केंद्रीय टीम के निरीक्षण की भी संभावना है.

इस बैठक में यह जानकारी दी गई कि पीएमश्री विद्यालयों में संचालित 181 गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रधानाचार्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इसके बावजूद बजटीय गतिविधियों में लापरवाही सामने आने पर सचिव ने नाराजगी जताई और खूंटी जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया. शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता और जवाबदेही पर कड़ी निगरानी रहेगी.