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किसानों की चिंता का उत्तर दे मोदी सरकारः अखिलेश

भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर सपा प्रमुख का सवाल

  • देश की सत्तर फीसद आबादी के साथ धोखा

  • टैरिफ कम होने में कौन सी शर्तें लागू हैं

  • भाजपा का चंदा महंगाई को बढ़ायेगा

राष्ट्रीय खबर

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय बाजारों को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलना देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ विश्वासघात है, जो अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है।

इस समझौते के तहत, वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है। अखिलेश यादव ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारतीय किसानों की कीमत पर विदेशी हितों को अनुचित लाभ पहुँचाता है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, भाजपा और उसके सहयोगी आजादी से पहले भी विदेशी ताकतों के एजेंट के रूप में काम करते थे और आज भी वही कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सत्ताधारी दल के नेता जनता को स्पष्ट करें कि देश की अर्थव्यवस्था से समझौता करके उन्होंने कितना कमीशन कमाया है।

यादव ने चेतावनी दी कि ऐसी नीतियां न केवल किसानों को नुकसान पहुँचाएंगी, बल्कि निम्न और मध्यम वर्ग पर भी दबाव डालेंगी। उन्होंने कहा कि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों में मुनाफाखोरी बढ़ेगी और बिचौलियों का एक नया वर्ग पैदा होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा को मिलने वाला कॉर्पोरेट चंदा भविष्य में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को और बढ़ाएगा।

सपा प्रमुख ने कहा, इन उपायों से धीरे-धीरे किसानों की आय कम हो जाएगी और वे अपनी जमीन अमीरों और कॉर्पोरेट्स को बेचने पर मजबूर होंगे। जमीन पर कब्जा करना ही भाजपा और उसके सहयोगियों का अंतिम उद्देश्य है। उन्होंने प्रस्तावित बीज विधेयक की भी आलोचना की और इसे भारतीय कृषि के लिए घातक बताया। अखिलेश यादव ने किसानों से संगठित प्रतिरोध का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा किसान विरोधी रही है और अब समय आ गया है कि खेती और किसानों को बचाने के लिए भाजपा को हटाया जाए।