Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lok Sabha Update: भारी हंगामे के कारण पीएम मोदी का संबोधन रद्द, 8 सांसदों के निलंबन और नरवणे की किता... Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; ऑपरेशन अभ... MP Politics: 'ब्राह्मण समाज सबकी आंखों में खटक रहा है...', बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव के बयान से मध्... Rajya Sabha Update: लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में टकराव के आसार! PM मोदी के भाषण से पहले कांग्रेस ने... Pune-Mumbai Expressway: पुणे एक्सप्रेस-वे पर 24 घंटे से लगा महाजाम, हजारों गाड़ियां फंसी; सीएम फडणवी... बृहस्पति के बादलों के पीछे छिपा है एक विशाल रहस्य बड़े नेताओं की अग्निपरीक्षा का दौर अब चालू हो गया सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी का नया रिकार्ड जनरल नरवणे की चर्चा कर राहुल ने फिर घेरा भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर जानकारी पर बवाल

Balochistan News: बलूचिस्तान में क्यों बेबस हुई पाकिस्तानी सेना? रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद खोल दी अपनी सरकार की पोल

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान में हालात एक बार फिर बेकाबू होते दिख रहे हैं. शनिवार को बलूचिस्तान के 12 शहरों में एक साथ हुए बड़े और समन्वित हमलों ने न सिर्फ पाकिस्तानी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि सेना की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इन हमलों में प्रमुख सैन्य ठिकानों, पुलिस चौकियों, अर्धसैनिक बलों के अड्डों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया.

खास बात यह रही कि आत्मघाती हमलावरों के साथ-साथ महिला लड़ाके भी शामिल थीं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. अब खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में माना है कि बलूचिस्तान की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों की लूट और अंदरूनी गठजोड़ के चलते हालात सेना के लिए बेहद मुश्किल बने हुए हैं.

भूगोल बना सबसे बड़ी चुनौती

सोमवार को नेशनल असेंबली में बोलते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल भूभाग का 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है, लेकिन यहां आबादी बेहद कम है. उनके मुताबिकयहां 35 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ एक व्यक्ति मिलता है. ऐसे इलाके को नियंत्रित करना बेहद कठिन है. उन्होंने माना कि सेना पहले से मौजूद है, लेकिन हालात को संभालने के लिए और बड़े पैमाने पर तैनाती की जरूरत है.

नेतृत्व, अफसरशाही और अपराधियों का गठजोड़

ख्वाजा आसिफ ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि बलूचिस्तान में कबीलाई नेताओं, अपराधियों और नौकरशाही का खतरनाक गठजोड़ है. उनका आरोप है कि स्मगलिंग से जुड़े आपराधिक गिरोह अलगाववादी संगठनों को न सिर्फ फंडिंग कर रहे हैं, बल्कि उन्हें संरक्षण भी दे रहे हैं, उन्होंने कहा कि पहले यह आंदोलन राजनीतिक और राष्ट्रवादी था, लेकिन अब इसकी कमान अपराधियों और स्मगलरों के हाथ में चली गई है.

तेल स्मगलिंग से रोज़ाना अरबों की कमाई

रक्षा मंत्री के मुताबिक, तेल स्मगलिंग से जुड़े नेटवर्क रोज़ाना करीब 4 अरब रुपये कमा रहे हैं. यही पैसा हथियारों और आतंक फैलाने में लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के लिए आने वाला ट्रांजिट माल वापस पाकिस्तान में लाकर बेचा जाता है. जब सरकार ने इस पर सख्ती की, तो चमन बॉर्डर समेत कई इलाकों में बड़े प्रदर्शन हुए.

दो दिन में 177 आतंकी ढेर

रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में सुरक्षा बलों ने 177 आतंकियों को मार गिराया, लेकिन इस दौरान 16 जवान और 33 नागरिक भी मारे गए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मानवाधिकार और लापता लोगों का मुद्दा सिर्फ एक नैरेटिव है, जबकि इस नेटवर्क के कई लोग दुबई और मस्कट में ऐश कर रहे हैं.