संसद के बजट सत्र के चौथे दिन हुआ जोरदार हंगामा
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ओम बिड़ला की चेतावनी का कोई असर नहीं
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एक अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से चर्चा की
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एपस्टीन फाइल पर आप सांसद ने पूछा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः संसद के बजट सत्र का चौथा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। रविवार, 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद, आज दोनों सदनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। ज्ञात हो कि बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई थी, जिसमें उन्होंने सांसदों से राष्ट्रीय सुरक्षा, विकसित भारत और स्वदेशी अभियान जैसे मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए चीन की कथित आक्रामकता का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पत्रिका में छपे लेख के अनुसार, जनरल नरवणे के संस्मरण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरित्र पर सवाल उठाते हैं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी आपत्ति जताई और राहुल गांधी को एक अप्रकाशित संस्मरण और पत्रिका का उल्लेख करने के खिलाफ चेतावनी दी। भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
जब कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तब राहुल गांधी ने अपना रुख बरकरार रखा। सभापति की कुर्सी पर बैठे भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने उनसे विषय पर टिके रहने का आग्रह किया, लेकिन राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री मुझे इस मुद्दे पर बोलने नहीं दे रहे हैं, जो दर्शाता है कि वे असहज हैं। अंततः सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण की आलोचना करते हुए इसे डी ग्रेड दिया। उन्होंने सरकार को अस्वीकार करने वाली सरकार करार देते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास हकीकत में नहीं दिख रहा है। उन्होंने बढ़ते नफरती भाषणों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया।
दूसरी ओर, आप सांसद संजय सिंह ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए मांग की कि यदि प्रधानमंत्री जैसे पद पर कोई आरोप लगता है, तो स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। सरकार की योजना सरकार ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोकसभा में कुल 18 घंटे का समय आवंटित किया है, जो 2, 3 और 4 फरवरी को चलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को इस पर जवाब दे सकती हैं। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर, अमरिंदर राजा वारिंग और अन्य नेता भी इस चर्चा का हिस्सा रहेंगे।