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पर्यटकों के बोझ से दबे हैं इटली के स्की रिसॉर्ट

अत्यधिक भीड़ और जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही चिंता

रोकारसोः इटली के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में स्थित रोकारसो जैसे छोटे स्की रिसॉर्ट इन दिनों एक अनोखी चुनौती का सामना कर रहे हैं। नेपल्स जैसे शहरों से हर सप्ताहांत हजारों की संख्या में पर्यटक यहाँ उमड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है। जहाँ एक ओर यहाँ के शानदार दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घटती बर्फबारी और बढ़ती भीड़ ने स्थानीय निवासियों और असली खेल प्रेमियों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।

पिछले साल एक टिकटॉक इन्फ्लुएंसर के वीडियो के बाद यहाँ एक ही दिन में 250 से अधिक बसें और लगभग 13,000 लोग पहुँच गए थे। इस भीड़ ने शहर की बुनियादी संरचना को चरमरा दिया। इसके जवाब में अधिकारियों ने अब बसों की संख्या सीमित कर दी है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वार्डन तैनात किए हैं।

गंभीर स्कीइंग करने वाले लोगों का कहना है कि केवल धूप सेंकने और शराब पीने आने वाले पर्यटक खेल के माहौल और प्रकृति को नुकसान पहुँचा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर की क्षमता 50,000 लोगों को संभालने की नहीं है। यूरोप के कई हिस्सों की तरह इटली में भी प्राकृतिक बर्फबारी कम हो रही है और स्कीइंग सीजन छोटा होता जा रहा है। इटली के 90 फीसद से अधिक स्की ढलानों पर आर्टिफिशियल स्नोमेकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। रोकारसो में देश का सबसे बड़ा कृत्रिम बर्फ बनाने वाला संयंत्र है।

पर्यावरण समूहों का कहना है कि कृत्रिम बर्फ केवल एक अस्थायी समाधान है। बढ़ते तापमान के साथ इसे बनाना और अधिक कठिन हो जाएगा। स्कीइंग का शौक अब आम लोगों की पहुँच से दूर होता जा रहा है। एक व्यक्ति का एक दिन का खर्च लगभग 200 यूरो (करीब 18,000 रुपये) तक पहुँच सकता है। यही कारण है कि कई पर्यटक केवल स्लेजिंग या बर्फ में घूमने का विकल्प चुनते हैं।

पर्यटन विशेषज्ञों का सुझाव है कि अब रिसॉर्ट्स को केवल स्कीइंग पर निर्भर न रहकर हाइकिंग और साइकिलिंग जैसे अन्य विकल्पों की ओर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, इटली में सिसिली के माउंट एटना जैसे सक्रिय ज्वालामुखी पर स्कीइंग का अनुभव भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जहाँ लावा, बर्फ और समुद्र का अनूठा संगम देखने को मिलता है।