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नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस से इस्तीफा

प्रदेश अध्यक्ष पर साधा तेज निशाना, पीएम मोदी की तारीफ

  • फिर वारिंग पर लगाए गंभीर आरोप

  • पीएम मोदी की नेतृत्व की तारीफ से चर्चा

  • खुद सिद्धू ने अब तक चुप्पी साध रखी है

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए पूर्व विधायक डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उनके विवादित बयान मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये चाहिए के बाद पार्टी से निलंबित किए जाने के लगभग दो महीने बाद आया है। डॉ. सिद्धू ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर तीखा हमला बोला।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने वारिंग को अक्षम और भ्रष्ट करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वारिंग ने पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ साठगांठ करके खुद को जेल जाने से बचाया है और कांग्रेस को भीतर से कमजोर किया है। डॉ. सिद्धू ने यह भी दावा किया कि उनके पास वारिंग को बर्बाद करने के पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन पार्टी में योग्य नेताओं की अनदेखी के कारण उन्होंने खुद ही पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

दिलचस्प बात यह है कि डॉ. सिद्धू का इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे से ठीक पहले आया है। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा, जब हमारे देश का मुखिया हमारे राज्य को कुछ देने आ रहा है, तो सभी ‘राजनीतिक चोर’ उनकी यात्रा में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों आ जाते हैं? हमें आभारी होना चाहिए कि उनके पास हमें (पंजाब को) कुछ बड़ा देने की शक्ति और पद है।

डॉ. सिद्धू का निलंबन दिसंबर में तब हुआ था जब उन्होंने दावा किया था कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये से भरा ब्रीफकेस आवश्यक है, एक ऐसी शर्त जिसे उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू पूरा नहीं कर सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के पांच दावेदार ही पार्टी की लुटिया डुबो रहे हैं।

फिलहाल, पूर्व पीसीसी प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के इस्तीफे पर चुप्पी साध रखी है। इस घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है।