सेवानिवृत्ति के पहले गंभीर संदेश गये बंगाल के डीजीपी
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने 31 जनवरी 2026 को अपनी सेवानिवृत्ति से पहले बल को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण विदाई संदेश दिया। कोलकाता के अलीपुर बॉडीगार्ड लाइन्स में आयोजित फेयरवेल परेड के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया और टीवी बहसों के प्रभाव से दूर रहने तथा कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की सलाह दी।
राजीव कुमार ने पुलिस बल को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक समाज हमसे अपना जीवन बलिदान करने की अपेक्षा रखता है, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने साहस को नए दृष्टिकोण से परिभाषित किया। उनके अनुसार, साहस का अर्थ केवल गोली चलाना या लाठीचार्ज करना नहीं है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मजबूती से खड़े रहना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया या टीवी पर क्या कहा जा रहा है, इससे पुलिसकर्मियों को विचलित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, एक पुलिसकर्मी का असली मार्गदर्शक उसकी अंतरात्मा होनी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति (पहाड़ से लेकर तटीय इलाकों तक) और माओवादी गतिविधियों जैसी चुनौतियां इसे अन्य राज्यों से अलग और कठिन बनाती हैं।
राजीव कुमार का कार्यकाल जितना प्रभावशाली रहा, उतना ही विवादों के साये में भी रहा। सीबीआई ने शारदा चिट फंड मामले में उनसे लंबी पूछताछ की थी। 2019 में जब सीबीआई उनके घर छापेमारी करने पहुंची, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके विरोध में कोलकाता के एस्प्लेनेड पर ऐतिहासिक धरना दिया था।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर के रूप में उन पर विपक्ष के फोन टैप करने और सत्ताधारी दल टीएमसी के इशारे पर काम करने के गंभीर आरोप लगे। इसी महीने, कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आई पैक परिसर पर की गई छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनकी उपस्थिति ने एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था।
अपने विदाई भाषण के अंत में कुमार ने कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच समन्वय और एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को अपने परिवार और दोस्तों के करीब रहने की सलाह दी, क्योंकि कठिन समय में वे ही मानसिक शक्ति का स्रोत होते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस को देश के सर्वश्रेष्ठ बलों में से एक बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।