Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आजादी के 'अमृत काल' में ये कैसी मजबूरी? सूरजपुर में 1KM पैदल चलकर डबरी का गंदा पानी पीने को मजबूर ग्... भीषण सड़क हादसा: बस और कंटेनर की टक्कर से मची चीख-पुकार, 5 लोग गंभीर रूप से घायल; मलबे में फंसे रहे ... धमतरी के खेतों में उड़ेगा 'ड्रोन'! कलेक्टर की पहल से हाईटेक हुई खेती; किसानों की मेहनत होगी कम, मुना... रायपुर के बच्चों के लिए खुशखबरी! कला केंद्र में शुरू हो रहा खास समर कैंप, 3 चरणों में होगा 'फन और लर... MCB में वन विभाग का बड़ा एक्शन! अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर; अतिक्रमण हटाने पर मचा बवाल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति! अब मोबाइल पर मिलेगी पैथोलॉजी रिपोर्ट, 14 अप्रैल को जगदलपुर से पहली ... कवर्धा में POCSO एक्ट का उल्टा केस! नाबालिग लड़के से दुराचार के आरोप में महिला गिरफ्तार; इलाके में स... बंगाल चुनाव में 'कटमनी' और 'छत्तीसगढ़' के पैसे पर बवाल! बीजेपी का ममता पर हमला, कांग्रेस ने भी घेरा झांसी-ओरछा के बीच सफर होगा आसान! ₹631 करोड़ से बनेगा नया ग्रीनफील्ड बायपास; NH 44 को मिलेगी जाम से म... गुना में बुजुर्ग दंपति का खौफनाक कदम! उम्र के आखिरी पड़ाव में क्यों मौत को लगा लिया गले? रुला देगी य...

Kurukshetra: ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री का ‘रौद्र रूप’, काम में लापरवाही पर फूड-सप्लाई इंस्पेक्टर को तुरंत किया सस्पेंड!

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र के नए लघु सचिवालय सभागार में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री राजेश नागर ने कई अहम फैसले लिए। बैठक में कुल 16 शिकायतें एजेंडे में रखी गईं, जिनमें से 7 पुराने मामले शामिल थे। मंत्री ने 11 शिकायतों का मौके पर निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को अगली बैठक तक स्थगित कर दिया गया।

बैठक के दौरान लाडवा क्षेत्र से जुड़ी एक गंभीर शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्यमंत्री ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय बारदाने की रिकवरी के आदेश भी जारी किए गए।

शिकायतकर्ता डिपो होल्डर सोनू नारंग ने आरोप लगाया कि रविंद्र कुमार का तबादला होने के बावजूद उन्होंने बारदाने का चार्ज दूसरे अधिकारी को नहीं सौंपा। आरोप यह भी है कि विभागीय बारदाने के दुरुपयोग और बिक्री की आशंका है। मंत्री ने इस मामले में पहले दर्ज किए जाने वाले आपराधिक केस की स्थिति पर भी जवाब तलब किया।

बैठक में मौजूद AFSO ने कानूनी राय लंबित होने की बात कही, जिस पर मंत्री ने देरी पर नाराजगी जताई और पूछा कि एक महीने बाद भी प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई। अधिकारी ने हाल ही में कार्यभार संभालने का हवाला देते हुए एक सप्ताह का समय मांगा। फिलहाल मामले को अगली बैठक तक लंबित रखा गया है।