मणिपुर में बहु-जिला अभियानों में आरपीजी, आईईडी, मोर्टार जब्त
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मादक पदार्थों की तस्करी को एक बड़ा झटका
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एनएच-306 पर 39 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त
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स्कूलों को भेजे गए बम की धमकी वाले ईमेल की जांच
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : मणिपुर और असम में सुरक्षा बलों ने हालिया अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। मणिपुर में जहां भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया और एक उग्रवादी नेता की गिरफ्तारी हुई, वहीं असम में ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई और स्कूलों में बम की झूठी धमकी की जांच शुरू की गई।
23 और 24 जनवरी 2026 को मणिपुर के विभिन्न जिलों—चुराचंदपुर, इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्वी और तेंगनौपाल—में चलाए गए समन्वित तलाशी अभियानों में सुरक्षा बलों ने अत्याधुनिक हथियारों और विस्फोटकों की भारी बरामदगी की। जब्त किए गए सामान में आरपीजी गोला-बारूद, .303 राइफल्स, देशी पिस्तौलें, आईईडी, हाई-एक्सप्लोसिव ग्रेनेड, मोर्टार शेल और ‘पम्पी’ (स्थानीय तोपें) शामिल हैं। इसके अलावा, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, वॉकी-टॉकी सेट और उग्रवादियों की वर्दी भी बरामद की गई है।
इसी बीच, तेंगनौपाल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह से सुरक्षा बलों ने नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर के एक प्रमुख उग्रवादी नेता, वाइखोम अथोई उर्फ सिदाबा को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी खुफिया जानकारी के आधार पर बॉर्डर पिलर नंबर 79 के पास से की गई।
असम के कछार जिले में असम राइफल्स और डीआरआई ने एक संयुक्त अभियान में दो ट्रकों को रोककर 1,30,000 याबा टैबलेट्स बरामद कीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 39 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में त्रिपुरा के तीन निवासियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, गुवाहाटी के दो प्रमुख स्कूलों (डीपीएस और संस्कृति द गुरुकुल) को सरस्वती पूजा के दौरान ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। हालांकि, जांच के बाद यह धमकी फर्जी पाई गई, लेकिन पुलिस ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।