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शेख हसीना ने मोहम्मद युनूस को गद्दार बताया

बांग्लादेश के चुनाव से पहले फिर आया विस्फोटक बयान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत में आत्म-निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपना पहला संबोधन दिया। एक पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने बांग्लादेश की जनता से अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के खिलाफ विद्रोह करने और उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है।

नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम में शेख हसीना ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर बेहद तीखे व्यक्तिगत हमले किए। उन्होंने यूनुस को सत्ता का भूखा गद्दार, सूदखोर और खूनी फासीवादी करार दिया। हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने एक विदेशी साजिश के तहत अगस्त 2024 में उनकी चुनी हुई सरकार का तख्तापलट किया था।

हसीना ने भावुक अपील करते हुए कहा, बांग्लादेश आज एक गहरी खाई के किनारे खड़ा है। हमारा देश एक विशाल जेल और मृत्यु की घाटी बन चुका है। संविधान और संप्रभुता को बचाने के लिए बहादुर बेटों और बेटियों को इस कठपुतली सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।

यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने वाले हैं। हालांकि, अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हसीना ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया और कहा कि अवामी लीग के बिना चुनाव केवल एक राज्याभिषेक होगा, लोकतंत्र नहीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अगस्त 2024 की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।

शेख हसीना ने बांग्लादेश को संकट से उबारने के लिए पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। लोकतंत्र की बहाली के लिए यूनुस प्रशासन का तत्काल अंत। सड़कों पर हो रही अराजकता और लक्षित हत्याओं को बंद करना। हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए लोहे जैसी ठोस गारंटी। पत्रकारों और अवामी लीग कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी उत्पीड़न को रोकना। अदालतों की स्वतंत्रता बहाल करना।

हसीना ने चेतावनी दी कि यूनुस सरकार बांग्लादेश की सीमाओं और संसाधनों को विदेशी शक्तियों के हाथों गिरवी रख रही है। उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर वर्तमान सरकार के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरा हो सकता है। बांग्लादेश सरकार ने हसीना के इस भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे विदेशी धरती से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश बताया है।