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Kerala Election 2026: पीएम मोदी के दौरे से पहले बीजेपी का बड़ा दांव, ‘ट्वंटी20’ पार्टी NDA में शामिल; केरल की सियासत में हलचल

केरल में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और यहां पर चुनावी हलचल बनने लगी है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बीजेपी भी अपना विस्तार करने में लगी है. पीएम नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को केरल के दौरे पर हैं, लेकिन उनके इस दौरे से पहले पार्टी ने अपना कुनबा बढ़ाते हुए तेजी से आगे बढ़ते एक दल के साथ गठबंधन कर लिया. इस गठबंधन से केरल की सियासत में हलचल भी तेज हो गई है.

किटेक्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर साबू जैकब और पूर्व विधायक एवी थमरक्षण की अगुवाई वाली ट्वंटी20 (T20) पार्टी कल गुरुवार को बीजेपी की अगुवाई वालेNDA में शामिल हो गई. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने दोनों का NDA में स्वागत किया.

पीएम मोदी के दौरे से पहले बड़ी हलचल

केरल में अपनी जगह बनाने की कोशिशों में जुटे NDA का यह विस्तार पीएम मोदी के तिरुवनंतपुरम पहुंचने से ठीक एक दिन पहले हुआ. पीएम मोदी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की पहली जीत का जश्न मनाने और विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में चुनाव प्रचार शुरू करने आ रहे हैं. कहा जा रहा है कि दोनों नेता पीएम मोदी के साथ मंच भी साझा करेंगे.

कॉर्पोरेट समर्थित T20 पार्टी कुछ समय पहले तक खुद को कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के विकल्प के तौर पर पेश कर रही थी. साथ ही साल 2022 में कोच्चि में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में एक बड़े कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ भी हाथ मिलाया था. तब उन्होंने पीपल्स वेलफेयर अलायंस बनाने की भी घोषणा की थी. हालांकि यह गठबंधन लंबे समय तक नहीं चल सका था.

2021 के चुनाव में 6 सीटों पर रही नंबर टू

ट्वंटी-20 पार्टी करीब 11 साल पुरानी पार्टी है और इसका गठन गैर-राजनीतिक दल के रूप में साल 2015 में हुआ था. 8 मार्च 2016 को चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता दी थी. इसे मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा मिला हुआ है. 2021 के विधानसभा चुनाव में ट्वंटी-20 पार्टी ने 8 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की थी, जहां उसे कुल 1,45,664 वोट मिले थे. हालांकि 8 में से 6 प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे थे.

इसके अलावा पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाई थी. पार्टी ने 2 सीटों (चालकुडी और एर्नाकुलम) पर अपने प्रत्याशी उतारे और उसे 1,45,450 वोट मिले थे. वह चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने के मामले में नौवें नंबर पर रही थी.

स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का जलवा

हालांकि यह पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में अपना जलवा दिखाती रही है. पार्टी साल 2015 में केरल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों से चर्चा में आई थी जब उसने अपने गृहनगर किझाकंबलम में पंचायत चुनाव जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं. फिर साल 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान, पार्टी ने आइक्करणडु पंचायत में 9 सीटें, कुन्नाथुनाड में 5 सीटें और मझुवन्नूर में 5 सीटें जीतकर अपना दबदबा बनाया था. उसका यह प्रदर्शन किझाकंबलम में 2015 की 17 सीटों की तुलना में 2020 में 19 सीटों के साथ कहीं अच्छा रहा था.

पार्टी 2025 के चुनावों में तीसरी बार स्थानीय निकाय पर कब्जा बनाए रखने में सफल रही. किझाकंबलम में, कांग्रेस, CPI(M) और BJP ने ट्वंटी20 को हराने के इरादे से कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन पार्टी ने प्रमुख गठबंधनों के सामूहिक हमलों का डटकर सामना किया. किझाकंबलम में उसे 21 में से 14 सीटों पर जीत हासिल हुई. आइक्करणडु में सभी सीट पर जीत हासिल कर ली.

UDF-LDF की चुनौती के आगे T20 पार्टी

हाल के निकाय चुनावों में , UDF और LDF ने T20 के खिलाफ ‘मिलकर’ चुनाव लड़ा था. इसका नतीजा यह हुआ कि T20 पार्टी को कोच्चि में सिर्फ किझाकंबलम और ऐकरनाडु पंचायतों में ही बहुमत मिल सका, जबकि जिले में कुन्नाथुनाडु और मुझुवनूर में उसे बहुमत हासिल नहीं हो सकी थी.

T20 का तिरुवनियूर पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन रहा. हालांकि T20 ने कोच्चि कॉर्पोरेशन के 56 वार्डों पर चुनाव लड़ा, लेकिन वह एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही और कई वार्डों में उसका प्रदर्शन भी खराब रहा.

केरल में बदलाव के लिए NDA जरूरीः जैकब

एनडीए के साथ जुड़ने पर जैकब ने पत्रकारों से कहा कि T20 पार्टी बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को एक ऐसे फ्रंट के तौर पर देख रही है जो राज्य में LDF या UDF के शासन को खत्म करके केरल के विकास को आगे बढ़ा सकता है. उन्होंने कहा कि भले ही UDF और LDF ने T20 को खत्म करने के मकसद से स्थानीय निकाय चुनावों में कई अन्य छोटे संगठनों के साथ हाथ मिलाया था, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ.

उन्होंने NDA के साथ जुड़ने के फैसले पर कहा कि एनडीए में शामिल होने का फैसला सोच-समझकर लिया गया है क्योंकि हम अकेले केरल में बदलाव नहीं ला सकते. UDF और LDF राज्य के हितों के खिलाफ काम कर रहे थे. किटेक्स ग्रुप को तो केरल में बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान छोड़ने और उन्हें तेलंगाना शिफ्ट करने के लिए मजबूर किया गया.

गठबंधन से केरल की सियासत में तेजी

इस बीच, पूर्व थमरक्षण की अगुवाई वाले जनधिपत्य संरक्षण समिति (JSS) के एक गुट भी NDA में शामिल हो चुका है. हालांकि BJP का दावा है कि JSS अब NDA में शामिल हो चुका है, लेकिन JSS नेता तथा राज्य के महासचिव राजन बाबू का कहना है कि थमरक्षण को पहले ही पार्टी के राज्य अध्यक्ष पद से निकाल दिया गया था. थमरक्षण ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से की थी और बाद में वह JSS में शामिल हो गए, जिसका गठन पूर्व मंत्री और CPI(M) नेता के आर गौरी अम्मा ने की थी.

ट्वंटी20 के NDA के पाले में आने के फैसले ने राज्य के सभी प्रमुख दलों को चौंका दिया है. इस पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव (2021) में एर्नाकुलम जिले में 15 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था. अब यह नया गठबंधन सत्तारुढ़ UDF के लिए टेंशन का सबब बन सकता है एक गंभीर चुनौती पेश कर सकता है.

इस गठबंधन से जिले की कम से कम चार सीटों पर मुकाबला कड़ा हो सकता है तो कुछ अन्य सीटों पर मुकाबले में ट्वीस्ट आ सकता है. टी20 पार्टी को कुन्नाथुनाड सीट पर करीब 45,000 वोट मिले थे जबकि बीजेपी के खाते में 8 हजार वोट आए थे, दोनों के वोट मिलने से चुनाव में एनडीए को फायदा हो सकता है. यही बढ़त 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जारी रही. अब देखना होगा कि इस बार के चुनाव में यह नया गठबंधन कैसा प्रदर्शन करता है.