छत्तीसगढ़ का शौर्य: सीएम साय बोले- ’14 जनजातीय क्रांतियों की साक्षी है यह धरती’, जल-जंगल-जमीन के लिए वीरों ने दिया बलिदान
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए. सीएम ने शहीद गैंदसिंह को श्रद्धांजलि दी.
जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास-सीएम
सीएम साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास गौरवशाली और समृद्ध रहा है. छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी. यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का काम किया है.
छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में बनाया गया है, जिसका लोकार्पण खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
वहीं कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने साल 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका.
शहीद गैंदसिंह ने अंग्रेजों के संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ संघर्ष किया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का अहम योगदान रहा है-टंकराम वर्मा, कैबिनेट मंत्री
सीएम ने की ये घोषणाएं
⦁ शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक का नामकरण और मूर्ति स्थापना
⦁ चंगोराभाटा में समाज के सामुदायिक भवन का जीर्णोद्धार
⦁ बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव और बस्तर जिले के भानपुरी, करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये की घोषणा
⦁ कितूर गांव में रंगमंच निर्माण, बस्तर के चपका में श्रीराम मंदिर का जीर्णोद्धार