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सोनम की गिरफ्तार राजनीतिक प्रतिशोध है

गीतांजलि आंग्मो ने कारावास पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी

  • जोधपुर जेल के एकांत सेल में रखा है

  • कानूनों का उल्लंघन कर रही सरकार

  • हिंसा के सारे आरोप झूठे लगाये गये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और कारावास पर उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और वर्तमान में वे राजस्थान की जोधपुर जेल में तन्हाई में रखे गए हैं।

उन्होंने बताया कि जेल का समय किसी के लिए भी कठिन होता है, लेकिन सोनम वहां भी सकारात्मक बने हुए हैं। वे अपना समय पुस्तकें पढ़कर बिता रहे हैं। गीतांजलि ने बताया कि उन्होंने सोनम को श्री अरबिंदो की एक पुस्तक भेंट की है, क्योंकि श्री अरबिंदो को भी अलीपुर जेल में इसी तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा था। जेल के भीतर भी सोनम वहां के कर्मचारियों को बच्चों की परवरिश और सकारात्मकता के प्रति सलाह दे रहे हैं।

गीतांजलि ने खुलासा किया कि उन्हें अपने पति से सप्ताह में केवल दो बार, वह भी महज एक घंटे के लिए मिलने की अनुमति दी जाती है। उन्हें फोन पर बात करने की सुविधा नहीं है और उनकी कोठरी में एक बिस्तर तक नहीं है। उनकी पहली मुलाकात 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संभव हो पाई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन किया है। एनएसए के तहत गिरफ्तारी के आधार 10 दिनों के भीतर बताए जाने चाहिए थे, लेकिन उन्हें यह जानकारी 28 दिनों के बाद दी गई। गीतांजलि का मानना है कि केवल इसी देरी के आधार पर आरोपों को खारिज कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें राजनीतिक कैदी होने के कारण न्याय मिलने में देरी हो रही है।

सोनम वांगचुक पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए गीतांजलि ने कहा कि सरकार ने उनके वीडियो को संदर्भ से बाहर पेश किया है। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि सोनम ने युवाओं को हिंसा के लिए उकसाया था। इसके विपरीत, लेह में हिंसा भड़कने के दिन सोनम ने लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस से प्रदर्शनकारियों पर गोली न चलाने की अपील की थी। एनएसए बोर्ड ने उन पर 12 महीने की जेल की सजा थोप दी है, जिसे अब अदालत में चुनौती दी जा रही है। गीतांजलि ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा संघर्ष है और गिरफ्तारी के डर से वे खुद भी अभी लेह नहीं जा सकी हैं।