Breaking News in Hindi

ऑस्ट्रियाई आल्प्स पर्वत में हिमस्खलन का तांडव

तीन अलग-अलग हादसों में आठ स्कीयरों ने गंवाई जान

वियना: ऑस्ट्रिया के सुरम्य पर्वतीय क्षेत्रों में शनिवार का दिन मातम में बदल गया। आल्प्स की पहाड़ियों में एक के बाद एक आए तीन भीषण हिमस्खलनों ने आठ पर्यटकों की जान ले ली। अधिकारियों और बचाव दलों के अनुसार, ये हादसे देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में हुए, जहाँ भारी बर्फबारी के बाद स्थितियाँ पहले से ही जोखिम भरी बनी हुई थीं।

पहली घटना पश्चिमी ऑस्ट्रिया के बैड हॉफगास्टीन क्षेत्र में शनिवार दोपहर लगभग 12:30 बजे हुई। पोंगाउ पर्वत बचाव सेवा के अनुसार, एक महिला स्कीयर समुद्र तल से करीब 2,200 मीटर (7,200 फीट) की ऊँचाई पर स्कीइंग कर रही थी, तभी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा बर्फ की चादर के रूप में नीचे आ गिरा। वह महिला पूरी तरह बर्फ के नीचे दब गई और बचाव दल के पहुँचने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।

अभी इस हादसे का सदमा कम भी नहीं हुआ था कि करीब 90 मिनट बाद साल्जबर्ग शहर के दक्षिण में स्थित गास्टीन घाटी में एक और बड़ा हिमस्खलन हुआ। इस बार कुदरत का कहर सात लोगों के एक समूह पर टूटा। बर्फ के विशाल गुबार ने सातों स्कीयरों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत कार्य के दौरान चार शव बरामद किए गए, जबकि दो लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। इस हादसे में केवल एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच सका।

तीसरी दुखद घटना मध्य ऑस्ट्रिया के पुस्टरवाल्ड शहर में शाम करीब 4:30 बजे दर्ज की गई। स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि चेक गणराज्य से आए तीन स्कीयर इस हिमस्खलन की बलि चढ़ गए। उनके समूह में कुल सात लोग शामिल थे, जिनमें से चार को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इन हादसों ने ऑस्ट्रियाई प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। पोंगाउ पर्वत बचाव सेवा के जिला प्रमुख गेरहार्ड क्रेमसर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, यह त्रासदी हमें यह याद दिलाने के लिए काफी है कि पहाड़ों पर हिमस्खलन की स्थिति कितनी गंभीर है। प्रशासन द्वारा बार-बार रेड अलर्ट और सुरक्षा चेतावनियाँ जारी की गई थीं, लेकिन इसके बावजूद लोग ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव और नई बर्फबारी के कारण बर्फ की परतें अस्थिर हो गई हैं, जिससे स्लैब हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल, कई स्की रिसॉर्ट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और पर्यटकों को निर्धारित सुरक्षित रास्तों से बाहर न जाने की सख्त सलाह दी गई है।