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घर के अंदर का दृश्य देखकर चौंक गया छापामार दल भी

बीजेडी नेता के घर पर ईडी की छापामारी

  • छापेमारी का विस्तार और बरामदगी

  • रेत माफिया और फर्जीवाड़े का खेल

  • अपराध और राजनीति का गठजोड़

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा के गंजाम जिले में प्रवर्तन निदेशालय की हालिया कार्रवाई ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अवैध रेत उत्खनन और वित्तीय अनियमितताओं के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए, ईडी ने बीजू जनता दल के नेता हृषिकेश पाढ़ी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। इस तलाशी के दौरान जो दृश्य सामने आए, उन्होंने जांच अधिकारियों को भी चकित कर दिया—घर की अलमारियां कपड़ों के बजाय नकदी के बंडलों से ऊपर तक भरी हुई थीं।

हृषिकेश पाढ़ी और उनके करीबियों के वित्तीय संबंधों को खंगालते हुए ईडी की टीमों ने गंजाम जिले में लगभग 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। बरहामपुर शहर के प्रमुख इलाकों जैसे बिजीपुर, लांजीपल्ली, जयप्रकाश नगर और न्यू बस स्टैंड के पास रहने वाले कई व्यापारियों के आवासों की भी सघन तलाशी ली गई। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी तक जब्त की गई कुल राशि का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन अलमारियों में भरे नोटों के वीडियो और तस्वीरें इस बात की तस्दीक करती हैं कि यह घोटाला करोड़ों में हो सकता है।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस अवैध कमाई के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जिले के रसूखदार रेत माफियाओं ने अपनी पहचान छुपाने के लिए ट्रैक्टर चालकों, ऑटो मालिकों और यहाँ तक कि पान-मिठाई की दुकान चलाने वाले निर्दोष लोगों के नाम पर रेत के पट्टे हासिल कर रखे थे। इन डमी नामों के जरिए नदियों के तल से अवैध रूप से बालू निकाला जा रहा था। सीएजी की हालिया रिपोर्ट ने भी रुशिकुल्या और बाहुदा जैसी प्रमुख नदियों में हो रहे इस अंधाधुंध खनन और उससे सरकारी खजाने को होने वाले भारी नुकसान पर मुहर लगाई थी।

ईडी की यह कार्रवाई उन ‘बाहुबलियों’ और ‘दलालों’ पर केंद्रित है, जो स्थानीय निवासियों को डरा-धमकाकर इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने उन एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी, जिनमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए लघु खनिजों के अवैध परिवहन की बात कही गई थी। अब इस जांच की आंच सत्ताधारी दल के नेताओं तक पहुँचने से यह स्पष्ट हो गया है कि इस काली कमाई के पीछे गहरा राजनीतिक संरक्षण था। जैसे-जैसे नकदी की गिनती और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, इस सिंडिकेट से जुड़े कई और रसूखदार नाम सामने आने की संभावना है।