मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंचांग देखकर किया शिलान्यास
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सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में दुनिया का सबसे ऊँचा महाकाल मंदिर बनने जा रहा है। उत्तर बंगाल के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए इस भव्य मंदिर की आधारशिला रखी। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने मंदिर के शिलान्यास के लिए स्वयं पंचांग (शुभ मुहूर्त) देखा और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन संपन्न किया।
प्रस्तावित महाकाल मंदिर अपनी ऊँचाई और वास्तुकला के मामले में वैश्विक स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। महानंदा नदी के तट पर स्थित होने वाला यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि उत्तर बंगाल के पर्यटन मानचित्र पर भी एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरेगा। मंदिर समिति के अनुसार, इस मंदिर की ऊँचाई दुनिया के किसी भी मौजूदा शिव मंदिर से अधिक होगी।
समारोह के दौरान ममता बनर्जी ने आध्यात्मिक श्रद्धा और प्रशासनिक सक्रियता का अनूठा संगम पेश किया। उन्होंने पुजारी और मंदिर अधिकारियों के साथ परामर्श कर शुभ मुहूर्त सुनिश्चित किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी उत्तर बंगाल का द्वार है और यहाँ ऐसे भव्य आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण पूरे क्षेत्र की शांति और समृद्धि के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और दार्जिलिंग व डुआर्स जाने वाले पर्यटकों के लिए सिलीगुड़ी में रुकने का एक और बड़ा कारण मिलेगा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं और एक सांस्कृतिक केंद्र का भी प्रस्ताव है। सिलीगुड़ी में दुनिया के सबसे ऊँचे महाकाल मंदिर की स्थापना की यह पहल उत्तर बंगाल के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को नई ऊँचाई पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा पंचांग देखकर शिलान्यास करना इस परियोजना के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।