झारखंड सरकार को संजय सेठ की दोटूक: बोले- ‘UP और बिहार से कुछ सीखिए’, जानें रक्षा राज्य मंत्री ने क्यों दी विकास और कानून की नसीहत
जमशेदपुर: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचे. उन्होंने अपहृत कैरव गांधी के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उद्योगपति और उनके परिजनों से मिलने के बाद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मीडिया से बातचीत में हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा.
यूपी और बिहार से सीख ले राज्य सरकारः संजय सेठ
इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में हालात चिंताजनक है. यहां लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह फेल है. हाल की घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ा है. उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए राज्य सरकार को यूपी और बिहार सरकार से सीख लेने जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि यदि स्थिति नहीं संभल रही है तो राज्य सरकार यहां भी योगी मॉडल लागू करें.
रांची से अपहृत बच्चों की बरामदगी मामले में दिया बयान
वहीं रांची में दो बच्चों के अपहरण के मामले का जिक्र करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि सामाजिक संगठनों और बजरंग दल की सक्रियता से बच्चों की बरामदगी हुई. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लॉ एंड ऑर्डर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
ईडी दफ्तर में पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत
उन्होंने कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल है. रांची में ईडी के दफ्तर में पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से स्वतंत्र और निष्पक्ष काम करने वाली एजेंसियों का मनोबल गिरता है और भ्रष्टाचारियों का मनोबल ऊंचा होता है.
“राज्य के व्यवसायियों में दहशत का माहौल”
इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने जमशेदपुर के उद्योगपति के अपहृत पुत्र की जल्द बरामदगी की आशा जताई. उन्होंने कहा कि मामले में पूर्वी सिंहभूम के डीसी और एसपी गंभीर हैं और बरामदगी की कोशिशें जारी हैं. रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेश दौरे पर जाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के व्यवसायी पलायन के मूड में हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से व्यवसायियों में दहशत का माहौल है.
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था मजबूत करने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि झारखंड को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.