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चलती ट्रेन पर क्रेन गिरने से 32 की मौत

थाईलैंड में अजीब रेल त्रासदी से लोग हैरान

बैंकॉकः मध्य थाईलैंड के एक व्यस्त रेल गलियारे पर हुई एक भयावह दुर्घटना ने परिवहन और निर्माण सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। एक निर्माणाधीन ओवरपास पर काम कर रही विशालकाय क्रेन के एक्सप्रेस ट्रेन पर गिरने से अब तक 32 यात्रियों की मौत हो चुकी है।

यह हादसा आधुनिक थाईलैंड के इतिहास की सबसे दर्दनाक रेल दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है। घटना उस समय हुई जब एक एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय पर मध्य थाईलैंड के एक व्यस्त खंड से गुजर रही थी। ट्रैक के ठीक बगल में एक ऊंचे ओवरपास का निर्माण कार्य चल रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार, क्रेन द्वारा एक भारी कंक्रीट स्लैब या लोहे के ढांचे को उठाने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही सेकंडों के भीतर, क्रेन का मुख्य हिस्सा और भारी ढांचा सीधे चलती ट्रेन के बीच के दो डिब्बों पर जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डिब्बे पूरी तरह से धातु के मलबे में तब्दील हो गए, जिससे भीतर बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने मोर्चा संभाला। हालांकि, भारी भरकम लोहे के ढांचे और पिचके हुए कोचों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। फंसे हुए घायलों और शवों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक कटर और भारी मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा। 50 से अधिक घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत अत्यधिक गंभीर है। डॉक्टरों के अनुसार, मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने इस घटना को राष्ट्रीय त्रासदी घोषित करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। नियमानुसार, जब ट्रैक के ऊपर या पास कोई भारी निर्माण कार्य होता है, तो ट्रेनों की गति धीमी होनी चाहिए या परिचालन को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जाना चाहिए। क्रेन ऑपरेटर की योग्यता और साइट इंजीनियरों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या क्रेन की क्षमता से अधिक वजन उठाया जा रहा था? इसकी गहन जांच की जा रही है।

थाईलैंड वर्तमान में अपने परिवहन नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए तेजी से निर्माण कार्य कर रहा है। इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्पीड के चक्कर में सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार ने निर्माण कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करने का निर्देश दिया है।

यह हादसा उन हजारों यात्रियों के लिए एक डरावना सबक है जो हर दिन इन मार्गों से गुजरते हैं। सरकार द्वारा घोषित मुआवजा मृतक परिवारों के घावों को नहीं भर सकता, लेकिन यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि भविष्य में विकास की वेदी पर मासूम जानें न चढ़ें।