Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bilaspur HC News: निचली अदालत के फैसले पर हाई कोर्ट की मुहर, लेकिन सजा में किया आंशिक बदलाव; जानें प... होली पर नहीं होगी कन्फर्म टिकट की टेंशन! रेलवे ने दी बड़ी सौगात, इन रूटों पर चलेगी स्पेशल ट्रेन; चेक... Weather Update: समय से पहले तपने लगा शहर, गर्मी से राहत के लिए कूलर और एसी मार्केट में उमड़ी भीड़ Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर पूरे प्रदेश में द... Farmer News: अब धान नहीं, दलहन-तिलहन से बढ़ रही किसानों की आय; खेती के बदलते पैटर्न से हुआ बड़ा फायदा अब बच नहीं पाएंगे बदमाश! फिर से खुली शहर की 'थर्ड आई', DMF फंड से कैमरों की मरम्मत का काम पूरा CG Board: परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर, बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए मंजूर हुए 2 नए केंद्र; तैयारी हु... अंबिकापुर में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: ऑटो बिजनेस के नाम पर चल रहा था काला खेल, पुलिस र... कोरबा में ये क्या हो रहा? एक ही दिन में तीन बड़ी वारदातें, 2 छात्राओं और एक युवक की मौत से मचा हड़कंप खौफनाक मंजर! हक के लिए अंगारों पर चले अभ्यर्थी, पुलिस ने वाटर कैनन से रोका और भेजा जेल; जानें पूरी ख...

हजारीबाग में अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, खनन और ट्रांसपोर्ट ठप, कंपनी को करोड़ों का नुकसान

हजारीबाग: पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना सीबी माइंस पर धरना दे रहे हैं. 13 दिनों से उनका यह धरना जारी है. धरने से अब तक लगभग कंपनी को 75 करोड़ और सरकार को 1 करोड़ 15 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है. योगेंद्र सव ने खुद बताया कि सैकड़ों ग्रामीणों ने तीर कमान देकर आंदोलन को मजबूत किया है.

मुआवजा और विस्थापन को लेकर विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने बताया कि जब गर्दन ही कट जाएगी तो राज्य सरकार का महिमामंडन करके क्या करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में नाकाबंदी की जाएगी. यह धरना प्रदर्शन मुआवजा और विस्थापन को लेकर किया जा रहा है. पूर्व मंत्री ने हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में कोयला खनन और ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस आंदोलन में उन्होंने राज्य सरकार को भी निशाने पर लिया है.

रैयतों के हक और अधिकार की है लड़ाई: योगेंद्र साव

दरअसल, 31 दिसंबर से योगेंद्र साव स्थानीय रैयतों के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं. हड़ताल के दौरान उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि क्षेत्र के रैयतों के हक और अधिकार की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और कोल खनन कंपनी द्वारा रैयतों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. वहीं खनन गतिविधियों से क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है.

बिना मुआवजा विस्थापन नीति का लाभ दिए कंपनी कैसे अपनी मनमानी करके संपत्ति अधिग्रहण कर लेगी? जिस रास्ते से एनटीपीसी कोयला का ट्रांसपोर्टेशन करती है वह जमीन भी हमारी है. जबरन कंपनी द्वारा ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण बिना उचित मुआवजा दिए ही किया जा रहा है: योगेंद्र साव, पूर्व मंत्री

सरकार और कोल खनन कंपनी के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी

योगेंद्र साव ने बताया कि प्रदूषण और अव्यवस्थित ट्रांसपोर्टिंग के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान जा रही है लेकिन न सरकार और न प्रशासन इस पर गंभीर है. हड़ताल के दौरान योगेंद्र साव अपने समर्थकों के साथ तीर-धनुष लिए नजर आए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो सरकार और कोल खनन कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह से कोयला ट्रांसपोर्टिंग बंद है. जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान है.

धरने को प्रशासन कर रहा है प्रभावितः योगेंद्र साव

इधर, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि धरने को स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित किया जा रहा है, जिसे देखते हुए त्रिपक्षीय वार्ता होने तक मंगलवार शाम से ही माइंस में उत्खनन, प्रेषण, सीएचपी एवं कोल ट्रांसपोर्टिंग ठप करते हुए नाकाबंदी की जा रही है. कुछ दिन पहले, योगेंद्र साव की एक संपत्ति का कंपनी ने अधिग्रहण कर लिया था. उसी दिन से ये विरोध चल रहा है.