कोंडागांव: जिले में धान संग्रहण केंद्रों से नियमित रूप से धान का उठाव नहीं होने के कारण खरीदी व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है. इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है. कई केंद्रों में धान जमा हो गया है, लेकिन उठाव नहीं होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसी नाराजगी के चलते बुधवार सुबह बनियागांव क्षेत्र में किसानों ने नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया.
सड़क पर खड़े किए धान से लदे ट्रैक्टर: आक्रोशित किसानों ने धान से भरे ट्रैक्टरों को हाईवे के बीच खड़ा कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों, ट्रकों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे. यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, वहीं कुछ लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटकते नजर आए.
23 हजार से ज्यादा की खरीदी हम लोग कर चुके हैं. यहां की बफर लिमिट 10 हजार 400 है, डबल से ज्यादा हम खरीदी कर चुके हैं. जगह नहीं होने के कारण किसान चक्काजाम किए हैं– रेणुका पाल, LAMPS मैनेजर
प्रशासन मौके पर पहुंचा: चक्काजाम की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल, तहसीलदार मनोज रावटे और थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत शुरू की और उनकी समस्याएं सुनीं.
किसानों की पीड़ा: प्रदर्शन कर रहे किसान परेश कोर्राम ने बताया कि टोकन काटने से लेकर धान उठाव तक हर स्तर पर परेशानी हो रही है. वहीं किसान सियाराम सोढ़ी ने आरोप लगाया कि कई दिनों से टोकन कटवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका टोकन नहीं कटा है. उन्होंने बताया कि 100 से अधिक किसानों के टोकन अभी भी लंबित हैं.
टोकन से लेकर सभी में हमें परेशानी आ रही है. रात 4 बजे से गाड़ी लगाए थे. धान उठाव ही नहीं हो रहा है– परेश कोर्राम, किसान
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: बनियागांव के कांग्रेसी नेता नंदू दीवान ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और यह किसानों के साथ अन्याय है.
प्रशासन का पक्ष: तहसीलदार मनोज रावटे ने कहा कि किसानों की मांगों को गंभीरता से लिया गया है और धान खरीदी व उठाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है.
खरीदी और उठाव लगातार होता रहे ये मांग कर रहे हैं, इसकी वैकल्पिक व्यवस्था हम कर लिए हैं. किसानों को गाड़ियों को भेज भी दिया है.- मनोज रावटे, तहसीलदार
आगे आंदोलन की चेतावनी: प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया. इसके बाद नेशनल हाईवे-30 पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका. हालांकि किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में धान उठाव की समस्या दोबारा हुई, तो वे फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.