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गांव की महिला को प्रेग्नेंसी से गंभीर खतरा, प्रोटोकॉल छोड़ हाल जानने पहुंचे सागर कलेक्टर

सागर : आमतौर पर आला अधिकारी निरीक्षण और दौरों के नाम पर रस्म अदायगी करते हैं. लेकिन सागर कलेक्टर संदीप जी आर की संवेदनशीलता के चर्चे हो रहे हैं. रहली विकासखंड के दौरे पर पिपरिया नरसिंह में एक ‘हाई रिस्क’ गर्भवती कीर्ति गोंड की जानकारी जैसे ही कलेक्टर को मिली, वे खुद उनका हालचाल जानने घर पहुंच गए. कलेक्टर ने एक अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी की औपचारिकता छोड़ अभिभावक की तरह कीर्ति गोंड से चर्चा की और उनकी समस्या को जाना.

कलेक्टर ने न केवल गर्भवती महिला के हेल्थ कार्ड की जांच की, बल्कि अच्छा खान पान और डॉक्टर की दी दवाएं समय पर लेने की सलाह दी. कलेक्टर ने इस कठिन समय में कीर्ति गौड़ और उनके परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद करने का वादा किया.

हाईरिस्क प्रेग्नेंसी मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही

हाईरिस्क गर्भवती महिला से मुलाकात के बाद कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, ” हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे मामलों की विशेष निगरानी की जाए.” कलेक्टर ने बीएमओ और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कहा कि कि कीर्ति गोंड जैसी सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाए. प्रसव के समय कोई गड़बड़ी ना हो, 108 एम्बुलेंस की मुहैया कराने में बिल्कुल भी देरी ना हो और पौष्टिक आहार और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राही तक पहुंचे.

बेटियां घर का सौभाग्य

जब कलेक्टर संदीप जीआर गर्भवती महिला के घर पर उनसे बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान महिला की पहली बेटी उनके पास आकर खड़ी हो गई. कलेक्टर ने तुरंत उसे गोद में लिया और दुलार करते हुए चॉकलेट दी. कलेक्टर के दौरे की सुनकर ग्रामीणों की भीड़ भी लग गई. इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि बेटियां घर का सौभाग्य और घर की शान होतीं हैं. हमारे घर की रौनक बेटियों से होती हैं और बेटियां हमारा मान होती हैं. इनका सुरक्षित जन्म और बेहतर भविष्य हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है.