Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट LADC नीति के विरोध में गर्माया वकीलों का आंदोलन, 27 जुलाई को लुधियाना कोर्ट परिसर में 89 अधिवक्ता बै... महिला इंस्पेक्टर से दुष्कर्म के आरोपी SI साहिबमीत सिंह पर बड़ा खुलासा, दादा और पिता भी रह चुके हैं प... मानसा में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से गैंगरेप, परिजनों की शिकायत पर 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई को 'पंजाब बंद' का ऐलान, जालंधर में वाल्मीकि समाज का बड़ा फैसल... श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों के साथ भवन की ओर बढ़े भक्त पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, बिजली मंत्री के साथ 6 घंटे की मीटिंग रही पूरी तरह बेनतीज... मालिक की फोटो लगाकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, लुधियाना पुलिस ने जोधपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार लुधियाना के फेस-5 फोकल पॉइंट में अज्ञात युवक का शव मिलने से फैली सनसनी, मौके पर पहुंची पुलिस लुधियाना के 100 फुटी रोड पर युवक पर जानलेवा हमला, बातचीत के बहाने बुलाकर तेजधार हथियारों से किया लहू...

कतर के अल उदेद बेस पर अमेरिकी हलचल

ईरान पर हमले की तैयारियों में जुटी है अमेरिकी सेना

दोहा: कतर स्थित अल उदेद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में अचानक आई तेजी ने मध्य पूर्व में युद्ध की आशंकाओं को गहरा कर दिया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान पर सैन्य हमले का आदेश दे सकते हैं। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि इस बेस से B-52 रणनीतिक बमवर्षक और परिवहन विमानों की आवाजाही बढ़ गई है। दोहा से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित यह बेस 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों का घर है और इस क्षेत्र के सबसे बड़े ठिकानों में से एक है।

ईरान में जारी आंतरिक अशांति और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका की यह सक्रियता बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 650 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं (हालांकि कुछ अन्य रिपोर्टें यह संख्या 2,000 बता रही हैं)। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों का दमन बंद नहीं हुआ, तो वाशिंगटन कड़ा जवाब देगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि हालांकि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप घातक सैन्य शक्ति का उपयोग करने से नहीं हिचकिचाएंगे।

ईरान ने इस बीच पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया है, जिससे प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ (शुल्क) को हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है। मध्य पूर्व में अमेरिका की पहले से ही 19 से अधिक स्थानों पर सैन्य मौजूदगी है।

अगर तनाव और बढ़ता है, तो यह क्षेत्र एक बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है। बाबा वेंगा जैसी भविष्यवाणियों के हवाले से भी सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या 2026 में कोई बड़ा वैश्विक संघर्ष शुरू होने वाला है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें अल उदेद एयर बेस और ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।