सेना प्रमुख ने उग्रवादी गतिविधियों पर नई जानकारी दी
नई दिल्ली: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान सीमा पार से जारी आतंकी गतिविधियों और भविष्य की चुनौतियों पर पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है। भारतीय आकाश में हाल ही में देखे गए पाकिस्तानी ड्रोनों की घटना के बाद, सेना प्रमुख ने घोषणा की कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी प्रभावी रूप से जारी है और भारत अपनी सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार के दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए नॉर्दर्न कमांड से सैनिकों की संख्या कम करने का कोई विचार नहीं है।
सेना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में लगभग 140 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से मात्र 10 स्थानीय हैं, जबकि बाकी सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं। जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि साल 2025 में कुल 139 बार संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ, जिनमें से 124 घटनाएं अकेले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुईं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार 2 और नियंत्रण रेखा के पार 6 आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पूरी तरह सक्रिय हैं, जहाँ कम से कम 100 आतंकियों के मौजूद होने का अनुमान है। भारतीय सेना इन शिविरों पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही है।
आधुनिक युद्ध प्रणाली की ओर कदम बढ़ाते हुए सेना प्रमुख ने कई महत्वपूर्ण ढांचागत बदलावों की घोषणा की। सेना अब घातक प्लैतून की तर्ज पर 25 भैरव बटालियन और प्रत्येक इन्फैंट्री में ड्रोन-विशेषज्ञ अशनी प्लैतून का गठन कर रही है। साथ ही, 9 रुद्र ब्रिगेड और 15 शक्तिमान रेजिमेंट बनाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिनमें 100 से 1000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली आधुनिक तोपें शामिल की जाएंगी। जनरल द्विवेदी ने इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स के गठन की भी पुष्टि की, जिसका नेतृत्व मेजर जनरल रैंक के अधिकारी करेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीपैक-2 को अवैध करार देते हुए कहा कि भारत 1963 के चीन-पाकिस्तान समझौते को मान्यता नहीं देता है, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण है।