ममता बनर्जी ने फिर लगाया चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप
राष्ट्रीय खबर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची में छेड़छाड़ के आरोपों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंबे समय से आरोप लगा रही थीं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वैध मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने की साजिश रच रही है। मंगलवार को बांकुरा जिले के खातरा इलाके में हुई एक घटना ने इन आरोपों को नई हवा दे दी है। पुलिस ने दो भाजपा नेताओं को एक कार के साथ पकड़ा है, जिसमें से लगभग 4,000 फॉर्म-7 (मतदाता सूची से नाम हटाने का आवेदन पत्र) बरामद हुए हैं।
यह घटना मंगलवार दोपहर बांकुरा के खातरा सिनेमा मोड़ के पास हुई। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं को एक संदिग्ध कार दिखी, जिसका पीछा करने पर उसमें भारी मात्रा में भरे हुए फॉर्म मिले। स्थिति बिगड़ती देख कार में सवार तीन लोग भाग निकले, लेकिन पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में हुई है, जिनमें से एक तालडांगरा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व भाजपा मंडल सभानेत्री झुमा घोष के पति प्रबीर घोष बताए जा रहे हैं।
नवान्न (राज्य सचिवालय) में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन फॉर्मों की तस्वीरें दिखाते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, यह वर्तमान स्थिति का प्रमाण है। भाजपा सुनियोजित तरीके से लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने का षड्यंत्र रच रही है ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके।
तृणमूल कांग्रेस के बांकुरा जिलाध्यक्ष ताराशंकर राय और रानीबांध की विधायक ज्योत्स्ना मंडी ने भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गरीब, आदिवासियों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के मताधिकार को छीनने का ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार कर चुकी है।
टीएमसी नेताओं का तर्क है कि इतनी बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए फॉर्म मिलना कोई सामान्य बात नहीं है और इसके पीछे गहरी साजिश है। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। दूसरी ओर, इस घटना ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये फॉर्म कहां ले जाए जा रहे थे और इनके पीछे मास्टरमाइंड कौन है।