Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CG Assembly: महिला सशक्तिकरण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र; शासकीय संकल्प पेश, आरक्षण पर हुई ब... Durg News: 'रामलला दर्शन योजना' के तहत 178 श्रद्धालु अयोध्या रवाना; मेयर धीरज बाकलीवाल ने दिखाई हरी ... Real Estate Scam: नामी बिल्डर के ठिकानों पर ED का छापा; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दस्तावेज खंगाल रही ... Bijapur News: 'मनवा पुलिस मनवा नाटे' अभियान के तहत चिंगेर में जनसंवाद, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ ... MP Labor News: 'श्रम अन्न योजना' से मजदूरों को बड़ी राहत, पर स्थाई ठिकानों के अभाव में केंद्रों का सं... Indian Heritage: भारत की संस्कृति और ज्ञान का अनमोल भंडार हैं पांडुलिपियां; जानें क्यों जरूरी है इनक... Chhattisgarh News: सीएम विष्णु देव साय का बड़ा संकल्प; 'ई-श्रम साथी' ऐप से घर बैठे मिलेगा रोजगार और ... CG ED Raid: भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर ED की दबिश; भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले में ... Police Transfer List: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल; एक साथ 14 पुलिसकर्मियों के तबादले, यहाँ देखें पूर... Crime News: दो लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म! 10-15 युवकों पर दरिंदगी का आरोप, पुलिस ने शुरू की बड़ी ...

एसआईआर प्रक्रिया: एमसीबी जिले में वोटर लिस्ट से 8,578 नाम कटे

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची में बड़ी कटौती सामने आई है. इस प्रक्रिया के दौरान कुल 8,578 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिससे नगर निगम क्षेत्र की कुल मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पहले से ही कांग्रेस केंद्र और चुनाव आयोग पर आक्रामक है. चिरमिरी में सामने आए आंकड़ों पर भी सियासत गर्माने की उम्मीद है.

एमसीबी जिले में वोटर लिस्ट से 8,578 नाम कटे

एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत जिन 2,083 मतदाताओं ने आवश्यक दस्तावेज़ समय पर जमा नहीं किए, उनके लिए अलग से शिविर लगाकर दस्तावेज़ मंगाए गए हैं. संबंधित मतदाता यदि निर्धारित समय-सीमा में वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हैं, तो उनके नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे. वहीं, दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में नाम स्थायी रूप से हटाए जाएंगे.

वोटर संख्या में आई बड़ी गिरावट

नगर निगम चिरमिरी में पहले कुल 53,600 मतदाता दर्ज थे. एसआईआर प्रक्रिया के बाद यह संख्या घटकर 45,022 रह गई है. यह आंकड़ा A, B और C श्रेणी के सभी मतदाताओं को मिलाकर है. अधिकारियों के अनुसार हटाए गए नामों में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो शहर छोड़कर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं.

40 वार्ड, 69 मतदान केंद्र

चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में कुल 40 वार्ड हैं, जिनमें 69 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं. नगर निगम आयुक्त रामप्रसाद अचला ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की गहन जांच की गई, जिसमें कई नाम हटाए गए, वहीं पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े भी गए हैं.

मतदाता सूची की जांच जारी

मतदाता सूची का सत्यापन कार्य अभी जारी है. जिन मतदाताओं का नाम सूची से कट गया है या जो नया नाम जोड़ना चाहते हैं, वे आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ संबंधित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है, अगर किसी का नाम छूट जाता है या कट जाता है तो दोबारा उसे ठीक किया जाएगा.

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025

भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और मतदाता हितैषी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि गणना चरण के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक कागज़ी प्रक्रिया या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता न पड़े. इसी उद्देश्य से आयोग ने निम्नलिखित नियम अनिवार्य रूप से लागू किए हैं.

1.गणना चरण में किसी भी मतदाता से कोई भी दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण, पहचान पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा. BLO का कार्य केवल घर–घर जाकर भौतिक उपस्थिति की पुष्टि करना और उपलब्ध जानकारी को फॉर्म में दर्ज करना है

2. ईआरओ द्वारा दस्तावेज़ केवल तभी मांगे जाएंगे जब ड्राफ्ट रौल प्रकाशित होने के बाद किसी मतदाता की उपलब्ध जानकारी, Declaration या गणना प्रपत्र या डेटाबेस से मेल न खाती हो.

3. जिन मतदाताओं या उनके माता–पिता का नाम राज्य की अंतिम गहन पुनरावलोकन सूची (2003 या उससे पहले) में दर्ज है, ऐसे सभी मतदाताओं को पूर्व-सत्यापित माना गया है. ऐसे मतदाताओं से BLO द्वारा किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र या दस्तावेज़ की मांग नहीं की जाएगी. BLO केवल वर्तमान निवास की पुष्टि करेगा. आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सरलीकृत, सुगम और भरोसेमंद प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता दस्तावेज़ों की कमी, भ्रम या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए.