दुमका: दुमका कोर्ट के एक सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार गोराई की 53 वर्षीय पत्नी नमिता गोराई का बाथरूम से जला शव बरामद किया गया है. इस मामले में महिला के पति का कहना है कि बीमारी से परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली. पुलिस मामले के अनुसंधान में जुट गई है.
दरवाजा तोड़कर निकाली गई डेडबॉडी
दरअसल अधिवक्ता संजीव कुमार का मकान दुधानी-रसिकपुर बाईपास रोड पर स्थित बगनोचा मोहल्ले में है. गुरुवार की दोपहर लगभग तीन बजे वह कोर्ट में थे. घर में अधिवक्ता की बूढ़ी मां और उनकी पत्नी नमिता गोराई थी. साथ में एक छोटा भाई भी रहता था, पर वह किसी काम के सिलसिले से बाजार गया था. घटना के संबंध में वकील का कहना है कि घर से निकलने से पहले पत्नी ने नाश्ता बनाकर उन्हें दिया था.
दोपहर में जब छोटा भाई घर आया तो पता चला कि भाभी बाथरूम गई हुई हैं और काफी देर हो जाने के बाद भी नहीं निकली हैं तो उसको संदेह हुआ. बाहर जलने की बदबू भी आ रही थी. संजीव के छोटे भाई ने बताया कि जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो देखा कि भाभी पूरी तरह से जली हुई हैं. उनकी मौत भी हो चुकी है. यह देख उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
संजीव गोरा ने बताया कि उनकी पत्नी को स्किन की समस्या थी, उन्होंने अपनी पत्नी नमिता का इलाज दुमका और आसनसोल से करवाया था पर वह ठीक नहीं हो पाई थी. वह अपनी पत्नी का इलाज दिल्ली के एम्स से भी करवा रहे थे. मगर इसी बीच उनकी पत्नी ने जान दे दी. सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी जगनाथ धान अधिवक्ता के घर पहुंचे और जांच पड़ताल करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका पीजेएमसीएच भेज दिया. रात होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया.
महिला का बाथरूम में जला शव बरामद किया गया है, उनके पति का कहना है कि बीमारी की वजह से उसने आत्महत्या कर ली. लेकिन महिला के मायके वालों द्वारा अगर कुछ आवेदन दिया जाता है तो उस अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी काफी कुछ क्लियर हो जाएगा- जगन्नाथ धान, नगर थाना प्रभारी