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पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने वाले राजनेता पर क्यों नहीं हुई FIR, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

जबलपुर : सितंबर 2025 में हुआ पूर्व महापौर थप्पड़ कांड अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में पुलिस आरक्षक ने महापौर को थप्पड़ मार दिया था और पूर्व महापौर पर पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता व वर्दी फाड़ने के आरोप लगे थे. वहीं, अब इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें बताया गया कि पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता कर उसकी वर्दी फाड़ने का वीडियो भी सामने आया था. इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में पुलिस कर्मी की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया, उल्टा उसे ही निलंबित कर दिया गया.

क्या है पूरा मामला?

हाईकोर्ट को बताय गया कि जबलपुर के राजनेता की पहचान स्पष्ट होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को अज्ञात बताकर प्रकरण दर्ज किया था. इसके साथ ही पूर्व महापौर को थप्पड़ मारने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया था. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तल्ख टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने कहा कि जब पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं तो वह आम जनता को कैसे सुरक्षा प्रदान करेंगे?

18 सितंबर 2025 को हुआ था पूर्व महापौर थप्पड़ कांड

जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा की ओर से ये जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई. इस याचिका में बताया गया कि 18 सितंबर 2025 में पूर्व महापौर प्रभात साहू अपनी स्कूटर से बिना हेलमेट जा रहे थे. इस दौरान लार्डगंज थानान्तर्गत बल्देवबाग के पास पुलिसकर्मी ने उन्हें वाहन चेकिंग में रोका. इस दौरान पूर्व महापौर ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी को गाली बक दी, जिसपर पुलिसकर्मी ने पूर्व महापौर को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद घटनास्थल पर पूर्व महापौर के समर्थकों का हुजूम एकत्रित हो गया और पुलिस कर्मी की वर्दी फाड़ दी गई. याचिका में कहा गया कि पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सर्कुलेट हुआ था.

हाईकोर्ट ने एसपी व पूर्व महापौर से मांगा जवाब

याचिका में कहा गया कि इस सबके बावजूद भी राजनीतिक दबाव के कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया और उसकी शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है. युगलपीठ को बताया गया कि वायरल वीडियो में आरोपियों की पहचान स्पष्ट है. युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए लार्डगंज थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि वह अगली सुनवाई में दर्ज की गई दोनों एफआईआर व केस डायरी के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें. इसके साथ युगलपीठ ने पूर्व महापौर व पुलिस अधीक्षक जबलपुर को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है.