Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
15 साल का इंतजार और अब 'इंकलाब'! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए ... सतना में जल संकट पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा 'एक्शन'! अब टैंकरों से घर-घर पहुँचेगा पानी; मंत्री ने अ... छतरपुर की बेटियों का दिल्ली में डंका! 3 महिला सरपंचों ने बदल दी गांव की तस्वीर; अब केंद्र सरकार के स... Chhatarpur LPG Raid: छतरपुर में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एक घर से 21 रसोई गैस सिलेंडर जब्त;... Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और स... भोपाल में फिल्मी स्टाइल में लूट! बीच सड़क प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, चाकू अड़ाकर ₹55 लाख से भरा बैग... गैस संकट का साइड इफेक्ट! इंदौर की शादियों में अब लकड़ी-कंडे पर बनेगा खाना; प्रशासन ने कमर्शियल सिलें... Health System Failure: रास्ते में खराब हुई एंबुलेंस, घंटों धूप में पड़ा रहा किडनी का मरीज; सरकारी दा... Maihar Bus Fire: मैहर में धू-धू कर जली स्लीपर बस, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान; देखें हादसे का लाइव व... Crime News: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, एक्सीडेंट दिखाने के लिए शव पर रखी बाइक; 30...

एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख़्त के समक्ष उपस्थित होऊँगा—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में उपस्थित होंगे।

‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब प्रत्येक सिख के लिए पावन स्थान है और तख़्त साहिब को सिखों का सर्वोच्च धार्मिक अस्थान माना जाता है। उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख़्त साहिब जी से आया हुआ हुक्म मेरे लिए सिर-माथे है, जिसे पूर्ण सम्मान के साथ स्वीकार करते हुए उसका पालन करूँगा। मैं मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में नंगे पाँव चलकर श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष हाज़िर होऊँगा।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही 15 जनवरी को देश के राष्ट्रपति श्री गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में एक सम्मेलन में भाग लेने आ रहे हों, फिर भी वे हर हाल में श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब सर्वोच्च है और पावन तख़्त साहिब से आया हुआ हुक्म सिर-माथे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख़्त साहिब जी से आया हुआ हुक्म मेरे और मेरे परिवार के लिए सदैव सर्वोच्च था, है और रहेगा।”