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Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम शामिल; मचा हड़कंप

ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय ने 2026 की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है लेकिन ये लिस्ट जारी होने के साथ ही विवादों में पड़ गई है. इस सूची ने जीवाजी यूनिवर्सिटी की एक बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है. दरअसल, विश्वविद्यालय की ताजा वरिष्ठता सूची में ऐसे अफसरों को वरिष्ठता दी गई है जो रिटायर हो चुके हैं या इस दुनिया में ही नहीं हैं.

तीन एक्सपर्ट्स के पैनल ने तैयार की थी लिस्ट

जब यूनिवर्सिटी में किसी भी महत्वपूर्ण बोर्ड एक्सपर्ट पैनल का गठन होता है या विस्तार होता है तो विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसरों को बोर्ड ऑफ स्टडीज का चेयरमैन और डीन जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए चुना जाता है. इसके लिए सीनियर की सूची के आधार पर ही प्रस्तावित बनाया जाता है. यह सूची तैयार करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के विकास शाखा की होती है लेकिन 2006 की सीनियरिटी लिस्ट में बड़ी खामी सामने आई है.

एक सूची बनाने के लिए ग्वालियर के झलकारी बाई कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर बीएल अहिरवार के नेतृत्व में एक नई कमेटी बनाई गई थी की थी, जिसमें दो अन्य प्रोफेसर शांति देवी और प्रोफ़ेसर नवनीत गरुड़ के साथ वरिष्ठता सूची को फाइनल रूप दिया गया लेकिन इसे वेरिफाई नहीं किया गया.

2021 में हो गया निधन, 2026 में दे दी वरिष्ठता

लेटेस्ट लिस्ट का वेरिफिकेशन न होने से विश्वविद्यालय के पास जो सूची पहुंची उसमें दो मृत और 14 रिटायर्ड प्रोफेसरों के नाम शामिल पाए गए. जीवाजी विश्वविद्यालय के साल 2026 की वरिष्ठता सूची में शामिल दतिया के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज की सोशियोलॉजी प्रोफेसर रश्मि जादौन का नाम शामिल हैं लेकिन ताज्जुब इस बात का है कि प्रोफसर जादौन का निधन साल 2021 में ही हो चुका है.

यूनवर्सिटी से ही रिटायर्ड अधिकारी का नाम भी शामिल

इस लिस्ट में दूसरा नाम प्रोफेसर डॉक्टर अशोक कुमार सिंह का है, जो एमएलबी कॉलेज ग्वालियर के फिलॉसफी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर थे लेकिन इनका निधन भी साल 2109 में हो चुका है. लेकिन सूची तैयार करने वाले पैनल ने इस बात की जानकारी वेरिफाई नहीं की. इनके साथ ही भिंड, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर के गवर्नमेंट कॉलेजों में भी पदस्थ रहकर रिटयर हो चुके 14 प्रोफेसरों को भी वरिष्ठता प्रदान कर दी गई है. इनमें से रविकांत अदालतवाले तो खुद जीवाजी यूनिवर्सिटी में NSS ऑफिसर रह चुके हैं.

गड़बड़ी की जांच कराएगा जेयू प्रबंधन

वहीं, इस पूरी लापरवाही और गड़बड़ी को लेकर जब जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन से बात की गई तो यूनिवर्सिटी के समन्वयक और जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर विमलेंद्र सिंह राठौर ने कहा, “शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में किस स्तर पर चूक हुई है जांच के उपरांत ही पता चल सकेगा. अगर कोई गलती शुरू हुई है तो उसको सुधरा जाएगा.”